NEWS PR डेस्क: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में सुपौल पहुंचे बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य के उन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, जहां अब भी विद्यालयों और बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं की कमी है। ऐसे इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर नए स्कूलों की स्थापना की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ नीतिगत स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संसाधनयुक्त बनाना है। इसके लिए शिक्षा विभाग लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रहा है।उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के हर बच्चे को बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो। जिन क्षेत्रों में स्कूलों या संसाधनों की कमी है, वहां नए विद्यालय खोलने और आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाएगा।”
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्यान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में भी शिक्षा के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नई योजनाओं से ऐसे क्षेत्रों के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार की तैयारी
मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग स्कूलों की आधारभूत संरचना, शिक्षकों की उपलब्धता और आधुनिक शिक्षण संसाधनों को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव पूरे बिहार में देखने को मिलेगा।सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट
