सम्राट चौधरी की अंग्रेजी पर बयानबाजी तेज, मांझी ने विपक्ष को दिया जवाब

भाषा नहीं, जनता से जुड़ाव तय करता है नेता की पहचान

Rashmi Tiwari
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बिहार की राजनीति में इन दिनों सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) की अंग्रेजी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष लगातार उनके बोलने के अंदाज पर सवाल उठा रहा है, तो वहीं अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) खुलकर उनके समर्थन में सामने आ गए हैं।

जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी वही अंग्रेजी बोलते हैं, जिसे गांव और आम लोग आसानी से समझ सकें। यही वजह है कि जनता उनसे खुद को जुड़ा हुआ महसूस करती है।

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उन्होंने कहा कि कुछ लोग सम्राट चौधरी की बढ़ती लोकप्रियता और राजनीतिक काबिलियत से घबराए हुए हैं, इसलिए उनकी भाषा और बोलने के तरीके का मजाक बनाया जा रहा है। जीतन राम मांझी ने साफ कहा कि राजनीति में सबसे ज्यादा मायने जनता से जुड़ाव रखता है, न कि सिर्फ अंग्रेजी बोलने की क्षमता।
सोनिया गांधी अब तक हिंदी अच्छी तरह नहीं सीख पाई
अपने बयान में मांझी ने लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) का भी जिक्र किया। मांझी ने कहा कि जो लोग सम्राट चौधरी की अंग्रेजी पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि लालू प्रसाद को अंग्रेजी क्यों नहीं आती। उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी अब तक हिंदी अच्छी तरह नहीं सीख पाई हैं, लेकिन विपक्ष कभी इस मुद्दे को नहीं उठाता ।
सोशल मीडिया पर बहस और तेज
मांझी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। एनडीए नेताओं ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि किसी नेता की पहचान उसके काम और जनता से जुड़ाव से होती है, भाषा से नहीं। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अब तक राजद और कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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