बिहार विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों का जोरदार जवाब दिया। उन्होंने साफ कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती और उनकी राजनीति संघर्ष की उपज है।सीएम ने कहा कि उनका राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा है, और वे अपनी मेहनत के दम पर यहां तक पहुंचे हैं।
बड़े नेताओं का लिया नाम
उन्होंने कहा कि वे 14 करोड़ बिहारवासियों के समर्थन और नरेन्द्र मोदी, नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने हैं। मुख्यमंत्री ने यह कहा कि भाजपा ने उन्हें हर स्तर पर अवसर दिया, नेता प्रतिपक्ष से लेकर पार्टी अध्यक्ष, दो बार उपमुख्यमंत्री और अब मुख्यमंत्री तक। सीएम ने दोहराया कि NDA पूरी तरह एकजुट है और बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं लालू प्रसाद यादव पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में उनके परिवार के 22 लोगों को जेल जाना पड़ा।अगर वह दौर नहीं होता, तो शायद मैं राजनीति में नहीं आता।
उम्र और डिग्री विवाद पर जवाब
उन्होंने कहा कि 1995 में अगर वे नाबालिग होते, तो जेल नहीं बल्कि बाल सुधार गृह भेजे जाते। डिग्री और एफिडेविट विवाद को उन्होंने गैर-जरूरी बताया।सीएम ने कहा कि नीतीश कुमार की नीति के अनुसार अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से कोई समझौता नहीं होगा।उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं पर गलत नजर डालने वालों को “पाताल से भी खोज निकाला जाएगा। वहीं ब्लॉक अंचल और थाने की मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधी मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश जी को न राजनीति से हटा सकते हैं न दिल से।
सत्ता किसी की बपौती नहीं — विश्वासमत बहस में सम्राट चौधरी का तेजस्वी पर करारा पलटवार
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