NEWS PR डेस्क : गया: राजधानी दिल्ली के छात्र आंदोलनों की गूंज अब बिहार के ग्रामीण इलाकों में भी सुनाई देने लगी है। गया जिले के टिकारी अनुमंडल स्थित मिडिल स्कूल सिमुआरा के 40 से अधिक छात्र-छात्राओं ने स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया। अपनी मांगों को लेकर छात्र सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने चार दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का निर्देश देते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है।

छात्र-छात्राएं हाथों में आवेदन लेकर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे और स्कूल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज बुलंद की। बड़ी संख्या में बच्चों के एक साथ पहुंचने से कार्यालय परिसर में कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बन गया।
SDM से मिलने पर अड़े रहे छात्र
उस समय एसडीएम प्रवीण कुंदन क्षेत्र भ्रमण पर थे। छात्रों की शिकायत सुनने के लिए कार्यपालक दंडाधिकारी रंजीत कुमार सिंह को भेजा गया, लेकिन छात्र सीधे एसडीएम से ही मिलने की मांग पर अड़े रहे। गुरारू से लौटने के बाद एसडीएम ने स्वयं छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।
छात्रों ने गिनाईं ये समस्याएं
छात्रों ने प्रशासन को बताया कि स्कूल में लंबे समय से कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उनकी प्रमुख शिकायतें इस प्रकार हैं—
मिड-डे मील की गुणवत्ता खराब है।
स्कूल का चापाकल लंबे समय से खराब है।
शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होती।
खेल सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती।
कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ।
छात्रों ने कहा कि मजबूरी में उन्हें अपनी बात प्रशासन तक पहुंचानी पड़ी।
चार दिन में समाधान, जांच के लिए समिति गठित
मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम प्रवीण कुंदन ने स्कूल के प्रधानाध्यापक को चार दिनों के भीतर सभी समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया। साथ ही छात्रों की लिखित शिकायत की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई।
समिति में शामिल हैं—
कार्यपालक दंडाधिकारी रंजीत कुमार सिंह
टिकारी बीडीओ योगेंद्र पासवान
एडीएसओ चंदन कुमार
समिति अपनी जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
SDM ने क्या कहा?
एसडीएम प्रवीण कुंदन ने बताया कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। स्कूल प्रशासन को चार दिनों के भीतर सभी समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अनियमितताओं की जांच के लिए समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
