NEWS PR डेस्क:पश्चिम चंपारण जिले में महज 24 घंटे के भीतर निजी अस्पतालों से जुड़े तीन गंभीर मामले सामने आए हैं। दो अलग-अलग निजी अस्पतालों में इलाज और ऑपरेशन के बाद दो मरीजों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य अस्पताल में कार्यरत महिला स्टाफ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। तीनों मामलों में परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं, कुछ मामलों में अस्पताल के चिकित्सक और कर्मियों के मौके से फरार होने की बात भी सामने आई है।

लौरिया के निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत
पहला मामला लौरिया नगर पंचायत स्थित अपना हेल्थ अस्पताल का है। यहां बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद मलपुरवा वार्ड-34 निवासी 32 वर्षीय मंशा देवी की मौत हो गई। मृतका के पति दीपू कुमार ने आरोप लगाया कि चिकित्सक की गैरमौजूदगी में स्टाफ द्वारा ऑपरेशन किया गया। हालत बिगड़ने के बाद महिला को बेतिया रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। सूचना मिलने पर लौरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
सवेरा नर्सिंग होम में प्रसूता और नवजात की मौत
दूसरी घटना बेतिया जीएमसीएच के समीप स्थित सवेरा नर्सिंग होम की है। यहां प्रसव के दौरान प्रतिमा देवी और उसके नवजात की मौत हो गई। मृतका के पति अखिलेश सहनी ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
महिला स्टाफ की संदिग्ध मौत, हत्या का आरोप
तीसरा मामला गंगा सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर का है। यहां करीब 12 वर्षों से कार्यरत ममता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता जोखू पासवान और बहन रीता देवी ने अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. रूबी सिंह और अन्य स्टाफ पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
एक के बाद एक सामने आए इन मामलों से पश्चिम चंपारण में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन अब इन मामलों की जांच में जुटे हैं। पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट
