भागलपुर में स्मार्ट मीटर परियोजना पर जनविरोध की बाधा, धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा काम

Patna Desk
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भागलपुर:
बिहार में विकास की राह पर तेज़ी से कदम बढ़ रहे हैं, लेकिन इसी राह में कुछ परियोजनाएं अब भी जन-सहभागिता की कमी और तकनीकी जटिलताओं से जूझ रही हैं। दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा भागलपुर में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना भी ऐसी ही एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो बीते दो वर्षों से क्रियान्वयन के बावजूद कई बाधाओं से ग्रस्त है।

अब तक जहाँ हजारों मीटर लगाए जा चुके हैं, वहीं लगभग 44,000 स्मार्ट मीटर अभी भी लगाए जाने बाकी हैं। नाथनगर, चंपानगर, बरहपुरा और मिरजानहाट जैसे इलाकों में उपभोक्ताओं के विरोध और कुछ मामलों में हिंसा की वजह से कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बरहपुरा में कुछ महीने पहले बिजलीकर्मियों के साथ मारपीट और उनकी टीम को खदेड़े जाने जैसी घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बन गई थीं। हालाँकि, प्रशासनिक हस्तक्षेप और सुरक्षा के बाद ही कुछ इलाकों में कार्य दोबारा शुरू हो पाया।

कंपनी के राजस्व अधिकारी अभय कुमार का कहना है कि शुरू में विरोध काफी तीव्र था, पर धीरे-धीरे स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने बताया कि कई घरों में ताले लगे रहने और लोगों की अनुपस्थिति के कारण भी मीटर लगाना संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि तिलकामांझी क्षेत्र में कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों में मीटर लग चुके हैं या जल्द लगने हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो उपभोक्ता स्मार्ट मीटर नहीं लगवाएंगे, उनके बिजली कनेक्शन काटे जा सकते हैं।

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प्रोजेक्ट मैनेजर विकास सिंह ने भी बताया कि लोगों की समझ में अब योजना का लाभ आने लगा है और विरोध की घटनाओं में कमी आई है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकारा कि कुछ कर्मियों द्वारा मीटर से छेड़छाड़ और तार चोरी जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं, जिन पर कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कंपनी के पास पर्याप्त स्टॉक है—लगभग एक लाख मीटर हर समय उपलब्ध हैं—और कार्य लगातार जारी है।

साफ है कि यह योजना केवल तकनीकी उन्नयन का प्रतीक नहीं, बल्कि लोगों की मानसिकता और प्रशासनिक चुस्ती की भी कसौटी बन चुकी है। अब यह देखना होगा कि दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी इस परियोजना को किस गति से और कितनी पारदर्शिता से आगे बढ़ा पाती है।

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