NEWS PR डेस्क : बिहार रेजिमेंट केंद्र, दानापुर छावनी में 1 अक्टूबर 2026 को 4 बिहार और 6 बिहार बटालियन के स्थापना दिवस के अवसर पर गौरव और देशभक्ति से भरा माहौल देखने को मिला। इस मौके पर दोनों बटालियनों की गौरवशाली सैन्य परंपरा, शौर्य, वीरता, अनुशासन और राष्ट्र के लिए दिए गए बलिदान को याद किया गया।
स्थापना दिवस समारोह के दौरान वीर स्मृति स्थल पर राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बिहार रेजिमेंट केंद्र के समादेष्टा और कर्नल ऑफ द बिहार रेजिमेंट की ओर से ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा ने शहीद सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
1 अक्टूबर को हुआ था 4 बिहार का गठन
4 बिहार बटालियन का गठन 1 अक्टूबर 1960 को लेफ्टिनेंट कर्नल अजमेर सिंह सिद्धू के नेतृत्व में हुआ था। बिहारी और आदिवासी सैनिकों के समान मिश्रण से गठित इस बटालियन ने अपनी सेवा के दौरान कई वीरता पुरस्कार अर्जित किए हैं। वर्ष 1989 में श्रीलंका में ऑपरेशन पवन के दौरान बटालियन की भूमिका उसके परिचालन इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय रही। इस अभियान में बटालियन के सैनिकों ने साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया।
6 बिहार का भी गौरवशाली सैन्य इतिहास
6 बिहार बटालियन का गठन 1 अक्टूबर 1963 को लेफ्टिनेंट कर्नल जेडीबी गैनोलिवो के नेतृत्व में हुआ था। बटालियन ने अपने गौरवशाली सैन्य इतिहास के दौरान रेडल, ऑर्किड, मेघदूत, रक्षक, राइनो, विजय, फाल्कन और पराक्रम समेत कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है।दोनों बटालियनों ने वर्षों से बिहार रेजिमेंट की सैन्य परंपराओं को कायम रखते हुए राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दिया है।
वीर सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि
स्थापना दिवस के अवसर पर बिहार रेजिमेंट केंद्र, दानापुर स्थित वीर स्मृति स्थल पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सैन्य अधिकारियों और जवानों ने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर कुमार मिश्रा, बिहार रेजिमेंट के युवा अधिकारी, सूबेदार मेजर नारायण प्रधान सहित बिहार रेजिमेंट केंद्र के कई अधिकारी और अन्य सैन्यकर्मी मौजूद रहे।
सेना बैंड की प्रस्तुति ने बांधा समां
समारोह के दौरान सेना बैंड ने ‘वंदे मातरम्’ और रेजिमेंटल गीत की प्रस्तुति दी। देशभक्ति से ओत-प्रोत इन प्रस्तुतियों ने समारोह के माहौल को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया।