राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने किया संगठन विस्तार, आलोक सिंह बने बिहार प्रदेश अध्यक्ष

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: पटना, 07 जून। बिहार में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) ने अपने प्रदेश संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने आलोक सिंह को बिहार प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की। यह फैसला पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रम के दौरान लिया गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई गई थी। चुनावी प्रक्रिया के दौरान दावेदारी कर रहे नेताओं ने अंतिम निर्णय का अधिकार पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया था। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आलोक सिंह के नाम पर मुहर लगाई। घोषणा होते ही कार्यक्रम स्थल तालियों और स्वागत नारों से गूंज उठा।

संगठन को नई गति देने के उद्देश्य से पार्टी ने अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की हैं। प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि हिमांशु पटेल को प्रधान महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नई टीम संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार में तेजी से अपना संगठनात्मक आधार बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी आंतरिक लोकतंत्र, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों पर आधारित राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने का अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पार्टी अब तक बिहार के 32 जिलों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जिला अध्यक्षों का चुनाव सफलतापूर्वक करा चुकी है। इससे संगठन को मजबूती मिलने के साथ कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बना है।

सदस्यता अभियान का जिक्र करते हुए कुशवाहा ने दावा किया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा की सदस्य संख्या 22 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। उन्होंने इसे जनता के बढ़ते विश्वास और पार्टी के विस्तार का संकेत बताया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश संगठन में किए गए इस बदलाव के जरिए राष्ट्रीय लोक मोर्चा आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपनी संगठनात्मक ताकत को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article