भीषण गर्मी में राहत: पटना में 396 स्थानों पर पेयजल व्यवस्था, नियंत्रण कक्ष सक्रिय

पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए Public Health Engineering Department (PHED) द्वारा 46 चलंत चापाकल मरम्मति दलों को विभिन्न प्रखंडों में तैनात किया गया है। विभाग के पटना पूर्व और पश्चिम दोनों प्रमंडलों में नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिए गए हैं, जहां लोग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 28 अप्रैल। लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम लोगों को राहत देने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी, पटना के निर्देश पर पूरे जिले में पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे राहगीरों, श्रमिकों और आम नागरिकों को गर्मी से राहत मिल सके।

जिला प्रशासन के अनुसार, पटना के 17 नगर निकायों में कुल 396 स्थानों पर प्याऊ (पेयजल केंद्र) स्थापित किए गए हैं। ये व्यवस्था सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में की गई है, जहां राहगीर, रिक्शा चालक, दुकानदार और मजदूर आसानी से नि:शुल्क पानी प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही जिले में 15 आश्रय स्थलों का भी संचालन किया जा रहा है।

पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए Public Health Engineering Department (PHED) द्वारा 46 चलंत चापाकल मरम्मति दलों को विभिन्न प्रखंडों में तैनात किया गया है। विभाग के पटना पूर्व और पश्चिम दोनों प्रमंडलों में नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिए गए हैं, जहां लोग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में पेयजल का कोई संकट नहीं है और सभी कार्यपालक अभियंताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकलों को क्रियाशील रखने का सख्त निर्देश दिया गया है। किसी भी खराब चापाकल की सूचना मिलने पर उसे तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भू-गर्भ जल स्तर की लगातार निगरानी करने को भी कहा गया है।

जहां पानी की कमी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, वहां आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से टैंकरों द्वारा पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायतों, विद्यालयों, हाट-बाजारों और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। उप विकास आयुक्त को इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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