NEWS PR डेस्क: पटना, 09 जून। बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और निवेशकों को आसान एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया, जिसके तहत अब बिहार में उद्योग लगाने के लिए जरूरी स्वीकृतियां 30 दिनों के भीतर देनी होंगी। तय समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर निवेशकों को स्वतः ‘डीम्ड क्लीयरेंस’ मिल जाएगा।
सरकार ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 के तहत राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को पूर्ण रूप से सशक्त एकल नोडल एजेंसी (Single Nodal Agency) के रूप में अधिकृत कर दिया है। इसके तहत अब उद्योगों से जुड़ी सभी मंजूरियों और लाइसेंस की प्रक्रिया एक ही मंच से पूरी होगी। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता बिहार में निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि SIPB सचिवालय द्वारा किसी आवेदन की तकनीकी जांच और अनुशंसा के बाद संबंधित विभाग या सक्षम प्राधिकार को 30 दिनों के भीतर स्वीकृति देना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था केवल प्रशासनिक निर्देश नहीं बल्कि कानूनी रूप से बाध्यकारी होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई विभाग निर्धारित समय-सीमा में फैसला लेने में असफल रहता है, तो निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए SIPB सचिवालय स्वतः ‘डीम्ड क्लीयरेंस’ जारी करेगा। इस स्वीकृति को संबंधित विभागों के लिए मानना अनिवार्य होगा और उस पर दोबारा विचार करने की शक्ति भी नहीं होगी।
नई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी और विनियामक विभागों के सक्षम अधिकारियों को सीधे SIPB सचिवालय में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। ये सभी अधिकारी औद्योगिक विकास आयुक्त के प्रत्यक्ष नियंत्रण और पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे, जिससे उद्योगों से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।
राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना, संचालन और विस्तार से संबंधित सभी अनुमतियों के लिए एकीकृत और पारदर्शी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी लागू करेगी। इससे स्वीकृति प्रक्रिया में जवाबदेही और दक्षता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास ही बिहार की आर्थिक समृद्धि और युवाओं के रोजगार का सबसे मजबूत आधार है। राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को देश और दुनिया के निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद और पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाना है। सरकार के इस फैसले को बिहार में निवेश और रोजगार के नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
