NEWS PR डेस्क: पटना के मनेर में कर्मा-धर्मा पर्व के दौरान गंगा घाट पर बड़ा हादसा हो गया। हल्दी छपरा गंगा घाट पर पूजा सामग्री और झूर विसर्जित करने गईं सात महिलाएं गंगा की तेज धारा की चपेट में आकर डूबने लगीं। इस दौरान एक महिला ने साड़ी के सहारे चार महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि एक महिला और दो बच्चियां लापता हो गईं। लापता तीनों हल्दी छपरा सात आना गांव की रहने वाली बताई जा रही हैं। घटना के बाद स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने गंगा में तलाश शुरू कर दी।
झूर विसर्जन के दौरान तेज धारा में फंसीं महिलाएं
बताया गया कि कर्मा-धर्मा पर्व के बाद महिलाएं पूजा सामग्री और झूर को गंगा में विसर्जित करने के लिए हल्दी छपरा घाट पहुंची थीं। तस्वीरें भी मनेर के हल्दी छपरा गंगा घाट की हैं।
विसर्जन के दौरान अचानक सात महिलाएं गंगा की तेज धारा में बहने लगीं। चीख-पुकार मचने पर आसपास मौजूद लोगों ने मदद के लिए प्रयास शुरू किया। इसी दौरान एक महिला ने साड़ी के सहारे चार महिलाओं को बाहर निकालकर उनकी जान बचाई।
एक महिला और दो बच्चियों का अब तक सुराग नहीं
हादसे में एक महिला और दो बच्चियां अभी भी लापता हैं। तीनों हल्दी छपरा सात आना गांव की रहने वाली बताई जा रही हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय गोताखोर गंगा में उतर गए और लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी।
नदी की तेज धारा और गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौती सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर लोग भी खोज अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
एसडीआरएफ की टीम भी सर्च ऑपरेशन में जुटी
घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम को भी रेस्क्यू के लिए लगाया गया है। स्थानीय गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीम लगातार गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही है। हल्दी छपरा पंचायत के मुखिया अशोक कुमार ने बताया कि कर्मा-धर्मा पर्व की पूजा सामग्री और झूर को गंगा में विसर्जित करने के दौरान सात महिलाएं तेज धारा की चपेट में आ गई थीं।
चार महिलाओं को बचा लिया गया, जबकि एक महिला और दो बच्चियों की तलाश जारी है। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और लापता तीनों के परिजन गंगा घाट पर मौजूद हैं।
मनेर से रिपोर्टर: पशुपतिनाथ शर्मा