NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 09 जुलाई। आगामी सोमवारी श्रावणी मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। बुधवार को बिस्फी स्थित टीसीपी भवन में आयोजित शांति समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने विधि-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से शुरू होगा और 3, 10, 17 तथा 24 अगस्त को चार सोमवारी पड़ेंगी, जबकि 28 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा और रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इन अवसरों पर उगना महादेव, बाबा कपालेश्वर महादेव समेत जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र के सभी महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की जाए। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी ताकि असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नजर रखी जा सके।

प्रशासन ने कांवरियों के मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर रोक लगाने के लिए विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भैरवा मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का बाजार लगाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही चिन्हित क्षेत्रों में ध्वनि विस्तारक यंत्र और डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक अनुमंडल में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जहां रोस्टर के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती होगी। चिकित्सा सेवाएं, निर्बाध बिजली आपूर्ति और गश्ती दल की भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव दिए और सभी ने एकजुट होकर श्रावणी मेले को सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने का संकल्प दोहराया।
