गंडक में उफान से बगहा में बढ़ी बाढ़ की चिंता, निचले इलाकों में पानी का खतरा; राहत शिविरों में पहुंचे प्रभावित परिवार,

Muskan Gupta

पश्चिम चंपारण जिले के बगहा से जहां गंडक उफान पर: बढ़ते डिस्चार्ज से बगहा के निचले इलाकों में बढ़ी चिंता, राहत शिविरों में पहुंचे बाढ़ प्रभावित,
विधायक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में चलाया राहत अभियान, पीड़ितों के बीच बाँटी खाद्य सामग्री
बगहा। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंडक बराज से 4,02,400 क्यूसेक और नेपाल की ओर से 6,44,800 पानी की रिपोर्ट बताए जाने के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। इस वर्ष के सबसे अधिक जलस्तर को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
बगहा-2 के लक्ष्मीपुर-रमपुरवा पंचायत के चार गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

कई घरों में पानी घुसने के बाद ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से तीन जगह राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। एसडीआरएफ और मेडिकल टीम को भी लगाया गया है।


बगहा नगर क्षेत्र के मंगलपुर, कैलाश नगर और दीनदयाल नगर में भी कई घरों में पानी घुस गया है। नगर क्षेत्र में करीब 100 परिवार और ग्रामीण इलाकों में करीब एक हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
मधुबनी प्रखंड की सिसई और चिउरही पंचायत में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सिसई में ग्रामीण स्कूल की छत पर शरण लिए हुए हैं, जबकि चिउरही के रेवहिया गांव में करीब 300 घर पानी से प्रभावित हैं। लोग मुख्य सड़क किनारे तंबू लगाकर रह रहे हैं।


एसडीएम चांदनी कुमारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं।

वहीं वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। विधायक ने लोगों से फिलहाल इस मार्ग से आवागमन में सावधानी बरतने की अपील की है। विधायक ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में उनके द्वारा राहत स्वरूप खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा है। तथा वे बराबर क्षेत्र में घूमकर पीड़ितों से मिल रहे हैं। और उनकी हर समस्या के समाधान में लगे हुए हैं।

पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट ;–

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