CM के ‘बपौती’ वाले बयान पर तेज प्रताप का पलटवार, बोले- 8-9 महीने में खुद छोड़नी पड़ेगी कुर्सी

राबड़ी आवास विवाद पर भड़के तेज प्रताप, सम्राट चौधरी को लेकर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

Rashmi Tiwari
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पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने के नोटिस के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री पर तीखा पलटवार करते हुए उनकी भाषा और कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।


विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि सरकारी आवास किसी की “बपौती” नहीं है और पद छोड़ने के बाद उसे खाली करना ही होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सरकारी संसाधनों पर किसी का स्थायी अधिकार नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने कहा था, “यह लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं। कुछ लोगों को सरकारी बंगलों से इतना लगाव है कि परिवार के अलग-अलग सदस्यों के लिए अलग आवास चाहते हैं।” उनके इस बयान को विपक्ष ने सीधे तौर पर राबड़ी देवी और उनके परिवार पर निशाना बताया।
तेज प्रताप का पलटवार
सम्राट चौधरी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी संवैधानिक कुर्सी की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी जिस पद पर बैठे हैं, उसकी मर्यादा का सम्मान करना चाहिए। उनकी भाषा मुख्यमंत्री पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थी। हमसे उम्र में बड़े हैं, लेकिन जिस कुर्सी पर बैठे हैं उसका सम्मान नहीं कर पा रहे हैं।”
8-9 महीने में खुद छोड़ेंगे कुर्सी’
तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा भी किया। उन्होंने कहा, “हम भविष्यवाणी करते हैं कि अगले 8 से 9 महीने में सम्राट चौधरी खुद मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर जाएंगे। लोकतंत्र में इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। लोकतंत्र में एक मुख्यमंत्री द्वारा इस तरीके की भाषा का प्रयोग करना पूरी तरह से निंदनीय है”

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नीतीश कुमार और अन्य नेताओं पर भी उठाए सवाल
तेज प्रताप यादव ने आवास आवंटन के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यदि नियमों के तहत आवास खाली कराया जा रहा है, तो फिर यह नियम सभी नेताओं पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर आवास खाली कराना ही उद्देश्य है तो फिर नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के आवासों पर वही नियम क्यों लागू नहीं किए जा रहे? मुख्यमंत्री आवास और बंगला नंबर-5 की दीवार तोड़कर उसे एक करने की जरूरत क्यों पड़ी?”
राबड़ी देवी को लेकर सरकार पर निशाना
तेज प्रताप ने कहा कि उनकी मां राबड़ी देवी वर्तमान में सदन की सदस्य हैं, इसके बावजूद उन्हें आवास खाली करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नियमों को चुनिंदा तरीके से लागू कर रही है। उन्होंने कहा, “यदि नियम सबके लिए समान हैं तो कार्रवाई भी सब पर समान रूप से होनी चाहिए।”
सियासी घमासान जारी
बता दें कि राबड़ी आवास विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक दायरे से निकलकर पूरी तरह राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है। एक ओर सरकार नियमों का हवाला दे रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में और गर्मा सकता है।

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