NEWS PR डेस्क: पटना/शेखपुरा, 02 जून। बिहार में सरकारी आवास को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लालू परिवार पर जोरदार हमला बोला और कहा कि बंगला किसी की बपौती नहीं होती। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। मां-बाप और बेटा सबको अलग घर चाहिए।
शेखपुरा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को सरकारी आवास से अत्यधिक लगाव हो गया है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि परिवार के हर सदस्य को अलग-अलग सरकारी घर चाहिए, जबकि सार्वजनिक पद पर रहने वालों को यह समझना चाहिए कि सरकारी आवास जनता की सेवा के लिए दिए जाते हैं, न कि व्यक्तिगत स्वामित्व के लिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं को जनता का सेवक मानते हैं और जिस दिन उनकी पार्टी तथा नेतृत्व का आदेश होगा, वह 24 घंटे के अंदर वो CM आवास खाली करेंगे और झोला उठाकर अपने निजी आवास में शिफ्ट हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पद और आवास अस्थायी होते हैं, जबकि जनता की सेवा सबसे महत्वपूर्ण है।
अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि पिछले एक दशक में उन्होंने मंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया, लेकिन अधिकांश समय अपने निजी आवास में ही रहे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें राज्य की सेवा का अवसर मिला है और इसी जिम्मेदारी के तहत वह मुख्यमंत्री आवास में रह रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश किया था, तब उन्होंने इसे केवल मुख्यमंत्री का निवास नहीं बल्कि “लोक सेवक आवास” के रूप में देखने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि अब तक वह कई आवासों में रह चुके हैं, इसलिए किसी भवन या बंगले से विशेष मोह नहीं रखते।
गौरतलब है कि बिहार में सरकारी आवास को लेकर सियासी बहस उस समय तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकारी बंगला खाली करने के मुद्दे पर सरकार के रुख का विरोध किया था। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गया है।