NEWS PR डेस्क: महाराष्ट्र के नासिक में स्वयंभू ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि वह लोगों को डराने और अपने प्रभाव में लेने के लिए नकली और नाटकीय तरीकों का सहारा लेता था।
जांच के अनुसार, खरात अपने तथाकथित अनुष्ठानों के दौरान प्लास्टिक के सांप, बाघ की खाल जैसे दिखने वाले कपड़े और अन्य सामानों का इस्तेमाल कर डरावना माहौल बनाता था। इसके जरिए वह लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित कर उन पर नियंत्रण स्थापित करता था।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वह ‘ऊर्जा वाले पत्थर’ और अन्य तथाकथित पवित्र वस्तुएं ऊंची कीमतों पर बेचता था। बताया गया कि साधारण बीज और पत्थरों को विशेष अनुष्ठान के बाद पवित्र बताकर 10 हजार से 1 लाख रुपये तक में बेचा जाता था।
पुलिस के मुताबिक, अशोक खरात सिन्नर तालुका के मीरगांव स्थित एक मंदिर में इस तरह की गतिविधियां चलाता था।

वह पहले लोगों की निजी समस्याएं जानता, फिर डर पैदा करने वाले नाटकीय अनुष्ठान करता और बाद में खुद को समाधान देने वाला बताकर उनसे मोटी रकम वसूलता था।
इस मामले में एक 28 वर्षीय महिला की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। महिला ने आरोप लगाया है कि 2022 से 2025 के बीच उसके साथ कई बार यौन उत्पीड़न किया गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि वह अपने ग्राहकों को पहले भयभीत करता था और फिर खुद को ‘उपचार करने वाला’ बताकर उनका भरोसा जीतता था। इस तरह वह लोगों पर मनोवैज्ञानिक पकड़ बनाकर उनसे पैसे ऐंठता था।
पुलिस ने इस मामले में दो और केस दर्ज किए हैं। एक शिकायत में आरोप है कि उसने एक गर्भवती महिला के साथ अनुष्ठान के नाम पर यौन शोषण किया। वहीं दूसरी महिला ने भी उसके खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया है और कहा है कि उसे झांसे में लेकर कई बार शोषण किया गया।

एक पूर्व कर्मचारी ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि खरात महिलाओं को बेहोशी की दवा देकर उनका शोषण करता था। कर्मचारी ने दावा किया कि उसने सबूत के तौर पर गुप्त रूप से कैमरा लगाकर वीडियो रिकॉर्डिंग भी की थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को पहले मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। इस पूरे मामले ने तथाकथित बाबाओं और ज्योतिषियों के नाम पर हो रहे धोखाधड़ी और शोषण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।