बिहार के गांवों और किसानों की बदलेगी तस्वीर! सहकारिता विभाग का बड़ा प्लान

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : बिहार में सहकारिता को लेकर सरकार ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है। बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने से लेकर किसानों को फसल बीमा, सब्जियों के लिए बेहतर बाजार, पैक्स को डिजिटल बनाने और गांवों तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाने तक कई बड़े फैसलों का ऐलान किया गया है। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभाग की उपलब्धियों और आगे की योजनाओं की जानकारी दी। आखिर सहकारिता के जरिए बिहार के गांवों और किसानों की तस्वीर बदलने के लिए सरकार का क्या प्लान है?

*बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की तैयारी

    मधुबनी के सकरी में नई सहकारी चीनी मिल का प्रस्ताव।

    सह-विद्युत उत्पादन इकाई भी होगी।

    दरभंगा के रैयाम में आदर्श Sugar Complex प्रस्तावित।

    डिस्टलरी और CBG यूनिट भी विकसित करने की योजना।

    *बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026

      सहकारिता को आधुनिक और डिजिटल बनाने पर जोर।

      कृषि के साथ डेयरी, मत्स्य, स्टार्टअप, पर्यटन और प्रोसेसिंग सेक्टर पर फोकस।

      युवा, महिला, किसान और उद्यमियों को सहकारिता से जोड़ने की योजना।

      *’हर थाली में बिहारी तरकारी’

        सब्जी क्षेत्र के लिए ₹106.39 करोड़ की योजनाएं।

        350 पंचायत स्तरीय सब्जी संग्रहण केंद्र।

        50 प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचनाओं का लक्ष्य।

        1.18 लाख से ज्यादा सब्जी उत्पादक किसान समितियों से जुड़े।

        *किसानों के लिए फसल बीमा

          रबी 2026-27 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू।

          कम प्रीमियम में फसल नुकसान की भरपाई का प्रावधान।

          *धान अधिप्राप्ति में बड़ा आंकड़ा

            6902 समितियों के जरिए धान खरीद।

            5.40 लाख किसानों से 36.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद।

            ₹8807.10 करोड़ MSP का भुगतान।

            *गांवों में भंडारण और बैंकिंग

              7452 सहकारी गोदामों का निर्माण पूरा।

              करीब 18.827 लाख MT भंडारण क्षमता तैयार।

              23 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और राज्य सहकारी बैंक का CBS अपग्रेडेशन।

              *पैक्स अब बनेंगे मल्टी-सर्विस सेंटर

                करीब 6425 पैक्स में CSC स्थापित।

                जन औषधि केंद्र और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र का विस्तार।

                1729 पैक्स प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित।

                *पैक्स का कंप्यूटरीकरण

                  4477 पैक्स पहले चरण में कंप्यूटरीकृत।

                  दूसरे चरण में 2330 पैक्स के कंप्यूटरीकरण का प्रस्ताव।

                    8723 महिलाओं को ऋण सुविधा।

                    JLG और SHG के माध्यम से ₹32.26 करोड़ का ऋण।

                    *FPO और ग्रामीण रोजगार

                      21 जिलों की 100 पंचायतों में FPO गठित।

                      50 FPO ने व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कीं।

                      सहकारिता विभाग और सहकारी संस्थाओं में नई नियुक्तियां।

                      *मखाना, शहद और बकरी पालन

                        67 मखाना सहकारी समितियां पंजीकृत।

                        481 प्रखंडों में बकरी पालक सहकारी समितियां।

                        शहद उत्पादन के लिए 240 प्राथमिक समितियां गठित।

                        *’हर घर तिरंगा 2026′

                          बाइक रैली, रंगोली, तिरंगा सेल्फी और सांस्कृतिक कार्यक्रम।

                          9 से 17 अगस्त तक सहकारी समितियों में अभियान।

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