गया में प्रतिभा सम्मान समारोह बना सियासी मंच, जीतन राम मांझी ने जनसंख्या और महिला सम्मान पर रखी खुली राय

Politics in the name of talent recognition, Manjhi opens front on many issues

Rashmi Tiwari
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गया : हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रतिभा सम्मान समारोह ने इस बार सिर्फ प्रतिभाओं को सम्मानित करने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि यह कार्यक्रम राजनीतिक संदेशों का मंच भी बन गया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने यहां जनसंख्या, महिला सम्मान और विपक्ष से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
जनसंख्या पर मांझी का संतुलित बयान
अपने संबोधन में मांझी ने कहा,“हर बच्चा सिर्फ पेट लेकर नहीं आता, वह अपना भाग्य लेकर आता है।”हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि वे अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि के समर्थक नहीं हैं। उनका जोर इस बात पर था कि समाज को इस मुद्दे पर संकीर्ण सोच से बाहर आना चाहिए और बच्चों को अवसर देने की दिशा में काम करना चाहिए।
महिला सम्मान पर सख्त रुख
महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर मांझी ने कड़ा संदेश दिया। पप्पू यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा,“जहां भी महिला के खिलाफ कोई बोलेगा, हम उसका विरोध करेंगे।”उन्होंने इसे एनडीए सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही विकास की असली पहचान है।
पुराने विवादों पर साधा संतुलन
पूर्व विधायक रमणिका गुप्ता की किताब ‘आपहुदरी’ से जुड़े सवाल पर मांझी ने विवाद को आगे बढ़ाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अब समय पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का है। कार्यक्रम के दौरान मांझी ने सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए छात्रा प्रियंका कुमारी की पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा की। साथ ही संतोष सुमन को सुझाव दिया कि इस तरह के समारोह का आयोजन पटना में बड़े स्तर पर किया जाए, जिसके लिए उन्होंने 10 लाख रुपये सहयोग देने की बात भी कही।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट

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