NEWS PR डेस्क: गया: केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र स्थित अपने पैतृक गांव महकार में अपने पूर्वजों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर उनके पुत्र एवं बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

प्रतिमा अनावरण के बाद जीतन राम मांझी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि “दुनिया में माता-पिता से बड़ा कोई भगवान नहीं होता। भगवान को किसी ने नहीं देखा, लेकिन माता-पिता ही साक्षात भगवान हैं। उन्होंने मजदूरी कर हमें पढ़ाया-लिखाया और उसी आशीर्वाद से हम मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक पहुंचे।”
उन्होंने कहा कि अपने माता-पिता, छोटे भाई और परिवार के अन्य सदस्यों के संघर्ष और योगदान को हमेशा याद रखने के लिए उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। मांझी ने बताया कि राजनीति के शुरुआती दौर में जब लोग उनका मजाक उड़ाते थे, तब उनके छोटे भाई ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आज उन्हें जो सम्मान और पहचान मिली है, वह उनके पूर्वजों के आशीर्वाद और परिवार के त्याग का परिणाम है।
राजनीतिक मुद्दों पर भी बोले मांझी
मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर कहा कि एनडीए उम्मीदवार की जीत तय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए नेतृत्व के विकास कार्यों पर जनता का भरोसा कायम है और आगामी चुनावों में भी इसका लाभ मिलेगा। राजद नेता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए मांझी ने कहा कि वे एक ईमानदार और समर्पित नेता रहे हैं तथा भविष्य में भी राजनीति में बेहतर भूमिका निभाएंगे।
दक्षिण बिहार के सूखे पर भी दिया बयान
दक्षिण बिहार में सूखे की स्थिति पर जीतन राम मांझी ने कहा कि यह प्राकृतिक चुनौती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए सोन नदी का पानी फल्गु नदी तक पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गया के निकट प्रस्तावित बैराज और नहर परियोजना पूरी होने के बाद दक्षिण बिहार को सूखे की समस्या से काफी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में पटना की तर्ज पर गया में भी मरीन ड्राइव विकसित करने की योजना है, जिससे शहर के विकास और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
