एनडीए की सरकार में बिहार बना देश का नया रोजगार हबः मंगल पांडेय

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: पटना, 17 जुलाई। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने बिहार में 1.50 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों में बहाली की घोषणा का स्वागत करते हुए इसे राज्य के युवाओं के लिए ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम युवाओं के भविष्य को मजबूत करने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में एनडीए सरकार की बड़ी उपलब्धि है।

मंगल पांडेय ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने जिस तेजी से रोजगार सृजन पर काम शुरू किया है, वह युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके अनुसार, सरकार केवल रोजगार के वादे नहीं कर रही, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रोजगार संबंधी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत रोजगार योजना’ ने देशभर के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को 15 हजार रुपये तक की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। वहीं, नए कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाले नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी प्रतिमाह तीन हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। उनका कहना था कि इन नीतियों का लाभ बिहार के युवाओं को भी मिल रहा है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

मंगल पांडेय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में ‘सात निश्चय-2’ के तहत 12 लाख सरकारी नौकरियों और 38 लाख अन्य रोजगार उपलब्ध कराने का रोडमैप तैयार किया गया था, जिसे पूरा किया गया। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में वर्ष 2025 से 2030 के बीच राज्य के एक करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में इस वर्ष 18.73 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार की रोजगार और कौशल विकास योजनाओं के कारण बिहार के युवाओं को अब रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने पर भी विशेष जोर दे रही है।

मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार की स्टार्टअप नीति और ‘एआई प्रज्ञा प्रोग्राम’ के माध्यम से करीब 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का प्रशिक्षण देने की योजना पर काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि इन पहलों से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार होंगे तथा बिहार देश के प्रमुख रोजगार केंद्रों में अपनी पहचान बनाएगा।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article