NEWS PR डेस्क: पटना, 23 जुलाई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक सेवा आवास स्थित ‘संकल्प’ से पटना जिले के बिहटा प्रखंड के सिकंदरपुर में बनने वाले राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) के स्थायी परिसर का शिलान्यास किया। लगभग 99.97 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस संस्थान के लिए बिहार सरकार ने 4 एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि बिहार की बेटियों के लिए कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास से समृद्ध बिहार की मजबूत नींव रखी जाएगी और राज्य की बहन-बेटियां स्किल्ड होकर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कौशल विकास का उद्देश्य केवल नौकरी नहीं, रोजगार सृजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवा स्वयं उद्यम स्थापित कर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के स्किल्ड युवा इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा समृद्ध बिहार के लिए किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया।

महिलाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) की स्थापना का उद्देश्य राज्य की युवतियों को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद और रोजगार योग्य बनाना है। अब तक बिहार की अनेक युवतियों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन स्थायी परिसर बनने के बाद राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार कार्य कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्किल इंडिया मिशन को नई गति मिली है।
बिहार में कौशल विकास की स्थिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में लगभग 1,500 कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं।लगभग 12 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में 1 लाख 38 हजार युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बिहार में वर्तमान में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज तथा 46 पॉलिटेक्निक संस्थान संचालित हैं। सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रुपये शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि पॉलिटेक्निक संस्थानों में मात्र 5 रुपये शुल्क लिया जाता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी उच्च तकनीकी शिक्षा का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में लैंग्वेज लैब स्थापित की गई हैं, जहां छात्र जापानी, जर्मन और फ्रेंच जैसी विदेशी भाषाएं भी सीख रहे हैं।
भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के नाम पर बनेगा कौशल विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का निर्माण करा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के लिए एमओयू
कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार और भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के बीच स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और विदेशों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
कार्यक्रम में सुनाया गया केंद्रीय मंत्री का संदेश
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग श्री जयंत चौधरी का संदेश भी सुनाया गया। कार्यक्रम में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री का हरित पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) के निर्माण कार्य से संबंधित वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के महानिदेशक दिलीप कुमार, बिहार के सचिव कौशल किशोर, मंत्रालय के निदेशक हरिकेश मीणा, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के निदेशक सुनील कुमार सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
