NEWS PR डेस्क : सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से राज्य में एक सशक्त एवं नवाचार-आधारित AI पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। इस दिशा में टायो (Taiyo) एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित करने की स्वीकृति मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदान की गई है।

नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विज़न के अनुरूप बिहार को तकनीक, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना हमारा संकल्प है। AI के प्रभावी उपयोग से सुशासन और विकास को नई गति देने के साथ युवाओं को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली परिवर्तनकारी तकनीक बन चुकी है। बिहार में AI की क्षमता का प्रभावी उपयोग करते हुए शासन, सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे, परियोजना प्रबंधन एवं मानव संसाधन विकास को अधिक स्मार्ट, डेटा-आधारित और परिणामोन्मुख बनाने का लक्ष्य है।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित MoU के माध्यम से AI तकनीक का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की पहचान, प्राथमिकता निर्धारण, योजना, अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन में सरकार को तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि AI आधारित सार्वजनिक अवसंरचना डैशबोर्ड”(AI Enabled Public Infrastructure Dashboard )के माध्यम से परियोजनाओं में संभावित विलंब एवं लागत वृद्धि की पहचान के लिए Early Warning Indicators विकसित किए जाएंगे। इससे परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी के साथ-साथ सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग में मदद मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि भू-स्थानिक आँकड़ों का मानचित्रण ( Geospatial Data Mapping, Demographic Data) एवं अन्य उपलब्ध डेटासेट का AI Tools के माध्यम से विश्लेषण कर सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के नियोजन, निर्माण एवं अनुश्रवण” को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इससे परियोजनाओं के नियोजन और क्रियान्वयन में डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि AI आधारित तकनीकों के उपयोग के साथ-साथ मानव संसाधन का क्षमता निर्माण भी सरकार की प्राथमिकता है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस एवं AI के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, राज्य के छात्रों, युवाओं एवं महिलाओं के लिए AI एवं डेटा विश्लेषण”(Data Analytics) से संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार में AI आधारित सुशासन, तकनीकी नवाचार, स्मार्ट सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे एवं रोजगारपरक कौशल विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।