गया जिले के टनकुपा प्रखंड स्थित मनमाधव गांव के एक साधारण युवक विक्रम साहू की जिंदगी उस समय सुर्खियों में आ गई जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उसकी झालमुड़ी की दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचे और वहां उन्होंने झालमुड़ी का स्वाद लिया। यह पल न सिर्फ विक्रम के लिए बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण बन गया।
पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई
विक्रम साहू, जो मूल रूप से बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं, बंगाल में झालमुड़ी का छोटा व्यवसाय चलाते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा उनकी दुकान पर पहुंचकर झालमुड़ी खाने की इच्छा जताने के बाद वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। विक्रम साहू को शायद ही कभी यह कल्पना रही होगी कि उनका ग्राहक देश का प्रधानमंत्री होगा।जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव मनमाधव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव का एक साधारण युवक आज देश के प्रधानमंत्री के साथ नजर आया, यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
विक्रम ने भी इस व्यवसाय को संभाल लिया
विक्रम के परिवार की कहानी संघर्षों से भरी रही है। बताया जाता है कि आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई नौवीं कक्षा के बाद छूट गई। इसके बाद लगभग 10 साल पहले वह अपने पिता के साथ कोलकाता चले गए और वहीं झालमुड़ी का व्यवसाय शुरू किया। उनके पिता उत्तम साहू पहले से ही यह काम करते थे और बाद में विक्रम ने भी इस व्यवसाय को संभाल लिया।
अपने मेहनत के दम पर परिवार का सहारा बना
परिवार के अनुसार, गांव में रोजगार के अवसर न होने के कारण उन्हें यह रास्ता अपनाना पड़ा। विक्रम तीन बहनों में इकलौता भाई है और अब वह अपने मेहनत के दम पर परिवार का सहारा बन रहा है।इस घटना के बाद विक्रम की चाची सहित पूरे परिवार ने खुशी जताई और कहा कि यह उनके लिए अविस्मरणीय पल है। ग्रामीणों ने भी इसे एक प्रेरणादायक कहानी बताया, जो साबित करती है कि मेहनत और संघर्ष से किस्मत बदली जा सकती है।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट