देश के दुर्गम इलाकों में बने है आठ पोलिंग बूथ, जानें सबकुछ

Patna Desk
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NEWSPR DESK- भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।  वहीं भौगोलिक विविधताओं वाले देश में कहीं रेगिस्तान है, तो कहीं घने जंगल।

हिमालय से लेकर समंदर तक हमारा देश विविधताओं से भरा है। लोकसभा चुनाव में लोकतंत्र की जीवंतता तब नजर आती है, जब दूरदराज में बने मतदान केंद्रों पर मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह दिखाई देता है।

घनें जंगलों से लेकर पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों तक कई पोलिंग बूथ बड़े ही दुर्गम इलाकों में बने हुए हैं। आइए जानते है देश के 10 ऐसे ही दूरस्थ मतदान केंद्रों के बारे में।

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गुजरात में तीसरे चरण में सभी सीटों पर वोट डाले जाएंगे। यह बहुत सघन जंगल है, जो पूरी दुनिया में एशियाई शेरों के लिए जाना जाता है। गिर के इसी जंगल में एक अनोखा मतदान केंद्र बनाया गया है, जहां सिर्फ एक मतदाता ही वोट डालता है। इस शख्स का नाम साधु महंत हरिदासजी उदासीन है। वे वोट डालने के अधिकार से वंचित न रह जाएं, इसलिए सिर्फ उनके लिए गिर के जंगल में मतदान केंद्र बनाया गया है। चुनाव आयोग का यही सिद्धांत है कि हर वोट मायने रखता है। क्योंकि ‘ये लोकतंत्र है, वोट हमारा मंत्र है।’

हिमाचल के पहाड़ों के बीच स्थित टशीगंग में भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे ऊंचा पोलिंग बूथ है। बर्फीले मौसम वाले इस दुर्गम इलाके में भी लोगों में वोटिंग को लेकर उत्साह कम नहीं रहता है। टशीगंग समुद्र से 15,256 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां वोट डालने के लिए स्थानीय लोगों की एक छोटी आबादी है। ये लोग बेहद दुर्गम यानी उबड़ खाबड़ इलाकों से होकर लंबी दूरी तय करके मतदान के लिए पोलिंग बूथ तक पहुंचते हैं। हिमाचल में अंतिम चरण में मतदान होना है।

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