NEWS PR डेस्क: पटना, 13 जून। बिहार में पुलों की सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिति की व्यापक समीक्षा के तहत 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले 638 पुलों की जांच पूरी कर ली गई है। जांच में 23 पुल गंभीर स्थिति में पाए गए हैं, जबकि 50 अन्य पुलों में सामान्य मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता चिन्हित की गई है। पथ निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों को मरम्मत और रखरखाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में शनिवार को विभागीय सभाकक्ष में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) के अंतर्गत आने वाले पुलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभाग के वरीय अभियंताओं और निगम के अधिकारियों ने भाग लिया।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्यभर में 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले कुल 638 पुलों की गहन जांच की गई है। इनमें पश्चिम चंपारण के 49, मुजफ्फरपुर के 39, अररिया के 38, किशनगंज के 37, पटना और कटिहार के 36-36, सुपौल के 35, पूर्वी चंपारण के 30, दरभंगा के 29, पूर्णिया के 27, गया के 25, नवादा के 20, सहरसा के 19 तथा जमुई के 16 पुल शामिल हैं।

जांच रिपोर्ट के अनुसार 23 पुलों की स्थिति गंभीर पाई गई है। इनमें से 10 पुलों पर मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य पहले से जारी है, जबकि पांच अत्यधिक संवेदनशील स्थानों पर नए पुलों का निर्माण कराया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चार पुलों पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई है और केवल हल्के वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी गई है। वहीं एक अन्य संवेदनशील स्थल पर वैकल्पिक डायवर्जन निर्माण का कार्य प्रगति पर है।
विभागीय अधिकारियों ने बैठक में बताया कि आठ पुलों के रखरखाव कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस पर सचिव पंकज कुमार पाल ने टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने और कार्यों को समयबद्ध तरीके से शुरू करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि 50 पुलों में सामान्य मरम्मत और संरचनात्मक मजबूती की जरूरत है। इन सभी पुलों पर विभागीय अभियंताओं की निगरानी में तेजी से काम कराया जा रहा है। सचिव ने प्रत्येक पुल की जांच रिपोर्ट की व्यक्तिगत समीक्षा करते हुए संबंधित अभियंताओं को आवश्यक कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि राज्य के अत्यंत महत्वपूर्ण और लाइफलाइन माने जाने वाले 250 मीटर से अधिक लंबाई के 47 पुलों की तकनीकी जांच आईआईटी पटना द्वारा कराई गई है। संस्थान की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि पुलों की सतत निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी भी संभावित क्षति की समय रहते जानकारी मिल सके और बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन प्रमंडलों में कार्य की गति धीमी या गुणवत्ता मानकों में कमी पाई जाएगी, वहां संबंधित अभियंताओं के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य में सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलों की सुरक्षा, रखरखाव और गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
