सुशील मोदी: सत्ता के शिखर से समाज सेवा तक, शादी में भी नहीं छोड़ा देहदान का संकल्प

Puja Srivastav
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWSPR डेस्क। बिहार की राजनीति में गठबंधन की राह पर भाजपा को मजबूती देने वाले वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी केवल एक कुशल राजनेता और वित्तीय प्रबंधन के विशेषज्ञ ही नहीं थे, बल्कि वे एक समर्पित सामाजिक उन्नायक भी थे। उनकी राजनीति और आर्थिक नीतियों की चर्चा के बीच उनका यह मानवीय पक्ष अक्सर युवाओं की नजरों से ओझल रह गया। बहुत कम लोग जानते हैं कि सुशील कुमार मोदी वर्षों पहले ‘दधीचि देहदान समिति’ से सक्रिय रूप से जुड़े और अपने प्रयासों से न जाने कितने जरूरतमंदों के जीवन में नई रोशनी भरी।

क्या है दधीचि देहदान समिति?

वर्ष 2013 में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद चौरसिया की अध्यक्षता में दधीचि देहदान समिति का गठन किया गया। सुशील कुमार मोदी ने इस समिति को जन-आंदोलन का रूप देने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें इसकी प्रेरणा ऋषि दधीचि के त्याग से मिली, जिन्होंने असुरों के विनाश के लिए अपने शरीर का बलिदान दिया था। वहीं, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंगदान से भी वे गहराई से प्रेरित हुए, जिनके अंगदान से कई लोगों को नई जिंदगी मिली। इसी प्रेरणा के साथ सुशील मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम लोगों को देहदान व अंगदान के लिए प्रेरित किया। जगह-जगह शिविर लगाए गए, जहां लोग श्रद्धा और संकल्प के साथ अंगदान के फॉर्म भरते थे।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

बेटे की शादी में भी दिया समाज सेवा का संदेश

सुशील कुमार मोदी ने समाज के सामने एक अनूठा उदाहरण तब पेश किया, जब उन्होंने अपने बेटे की शादी में दधीचि देहदान समिति का कैंप लगवाया। उन्होंने साफ घोषणा की “कोई उपहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि देना ही है, तो देहदान का संकल्प पत्र भरिए और किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला भरिए।” यह पहल पूरे समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई।

खुद अंगदान कर बनाई मिसाल

अंगदान को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए सुशील कुमार मोदी ने सबसे पहले खुद अंगदान का संकल्प लिया। इसके बाद देहदान और अंगदान करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी।
दधीचि देहदान समिति के माध्यम से उन्होंने देहदान, अंगदान और प्लाज्मा दान को लेकर कई अभियान चलाए, जिससे लाखों लोग जुड़े और समाज में एक सकारात्मक सोच विकसित हुई।

सुशील मोदी की याद में ‘चश्मा बैंक’

स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी की स्मृति में उनकी जयंती के अवसर पर एक अनोखी पहल की गई। राजधानी पटना स्थित ‘मां ब्लड सेंटर’ में रक्तदान सेवा के साथ-साथ ‘चश्मा बैंक’ के दूसरे संस्करण का शुभारंभ हुआ। इस दौरान नेत्र जांच के बाद 65 जरूरतमंद लोगों को निशुल्क पावर वाला चश्मा देने के लिए स्क्रीनिंग की गई। यह विशेष शिविर मां वैष्णो देवी सेवा समिति और मां ब्लड सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जहां सेवा, संवेदना और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस पहल के माध्यम से स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article