NEWS PR डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बड़ी सौगात देते हुए देश में 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। ये कॉरिडोर मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे। सरकार का मानना है कि इन हाईस्पीड रेल परियोजनाओं से यात्रा का समय काफी कम होगा, व्यापार को रफ्तार मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वित्त मंत्री ने इन रेल मार्गों को ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ बताते हुए कहा कि ये विकास को नई दिशा देंगे।
पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक रेल नेटवर्क
वित्त मंत्री ने बताया कि सभी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर्यावरण के अनुकूल होंगे। इनका उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और कम कार्बन उत्सर्जन वाला बनाना है। इससे सड़क और हवाई यातायात पर निर्भरता भी कम होगी।
इन शहरों को जोड़ेंगे हाईस्पीड कॉरिडोर
मुंबई–पुणे: महाराष्ट्र के दो प्रमुख शहरों के बीच यात्रा बेहद तेज होगी।
पुणे–हैदराबाद: महाराष्ट्र और तेलंगाना को सीधा हाईस्पीड कनेक्शन मिलेगा।
हैदराबाद–चेन्नई: दक्षिण भारत के अहम आर्थिक केंद्र जुड़ेंगे।
हैदराबाद–बेंगलुरु: दो बड़े आईटी हब के बीच सफर आसान होगा।
चेन्नई–बेंगलुरु: तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच तेज रेल संपर्क।
दिल्ली–वाराणसी: राजधानी को धार्मिक और पर्यटन केंद्र वाराणसी से जोड़ेगा, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
वाराणसी–सिलीगुड़ी: पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्री ने कहा कि हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर का हिस्सा है। इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
आपको बता दें कि फिलहाल मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना पर काम जारी है। अब इन 7 नए कॉरिडोर के ऐलान से भारत का रेल नेटवर्क और अधिक आधुनिक व तेज़ बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।