हाजीपुर सदर अस्पताल में डीएम का औचक निरीक्षण, दो दलाल गिरफ्तार, सात एम्बुलेंस जब्त

Asha Rai
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NEWS PR  डेस्क: वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित सदर अस्पताल में शनिवार देर रात जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में फैली अव्यवस्थाओं और दलालों की सक्रियता पर सख्त कार्रवाई की गई। प्रशासन ने दो दलालों को गिरफ्तार किया, जबकि नियमों का उल्लंघन कर खड़ी सात एम्बुलेंस को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

डीएम ने अस्पताल में तैनात सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से पहचान पत्र पहनने का निर्देश दिया। साथ ही मरीजों के परिजनों के लिए भी आईडी कार्ड अनिवार्य करने का आदेश दिया गया, ताकि संदिग्ध लोगों और दलालों की पहचान आसानी से हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

जिलाधिकारी ने अस्पताल के प्रवेश और निकास द्वार के बाहर एम्बुलेंस पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि अव्यवस्थित तरीके से खड़ी एम्बुलेंस मरीजों और परिजनों को भ्रमित करती हैं तथा दलालों के नेटवर्क को बढ़ावा देती हैं। जब्त की गई एम्बुलेंसों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक गुड़िया कुमारी और मैनेजर मंजर आलम ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए दोनों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हाल ही में शिशु वार्ड में सामने आई नवजात शिशु की अदला-बदली की गंभीर घटना के बाद की गई है। इस मामले में गठित जांच टीम ने डॉक्टर समेत सात कर्मियों को दोषी ठहराया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर दो कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई, जबकि पांच अन्य का तबादला किया गया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न वार्डों का जायजा लिया और मरीजों से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। सदर एसडीओ राम बाबू बैठा भी डीएम के पहुंचने से पहले अस्पताल पहुंचे थे। पुलिस ने गिरफ्तार दलालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनके मोबाइल फोन से निजी अस्पतालों की तस्वीरें और पैसों के लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं।

जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि दलाली या किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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