बिहार विधानसभा बजट सत्र का 16वां दिन: शराबबंदी पर सरकार से जवाब-तलब, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग भी रहेंगे सवालों के घेरे में

Neha Nanhe
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NEWS PR डेस्क : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 16वां दिन है और सदन की कार्यवाही तय समय पर प्रश्नकाल से शुरू होगी। इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े तारांकित और अतारांकित प्रश्नों का जवाब संबंधित मंत्री देंगे। बजट सत्र होने के कारण वित्तीय विषयों पर विशेष जोर रहेगा और एजेंडा पहले से निर्धारित है।

प्रश्नकाल में शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रमुख रह सकती है। स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति, विश्वविद्यालयों में खाली पद, बुनियादी ढांचे की स्थिति और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन जैसे विषय उठने की संभावना है। खान एवं भूतत्व विभाग से खनन नीति, राजस्व संग्रह और अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग से जुड़े सवालों में राज्य में लागू शराबबंदी कानून के प्रभाव, राजस्व पर उसके असर और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा गूंज सकता है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण अभियान और जल संरक्षण योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा होने की संभावना है।

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समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण तथा पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों की योजनाएं भी सदन में उठेंगी। छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सदस्यों द्वारा सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

परिवहन विभाग से सड़क स्थिति, बस सेवाओं के विस्तार और सड़क सुरक्षा उपायों पर प्रश्न पूछे जाएंगे। विज्ञान, प्रावैधिक एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से तकनीकी संस्थानों में नामांकन, प्रयोगशाला सुविधाओं और नई योजनाओं की जानकारी ली जाएगी। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के तहत खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन पर भी चर्चा संभावित है। वहीं रोजगार एवं कौशल विकास विभाग से बेरोजगारी, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम और नियुक्तियों की स्थिति पर सरकार जवाब देगी।

प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में सदस्य जनहित के तात्कालिक मुद्दे उठाएंगे। इसके बाद ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा होगी। बजट सत्र के चलते कर स्थगन से जुड़ी सूचनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी। पूर्वाह्न सत्र दोपहर 2 बजे तक चलेगा, फिर भोजनावकाश के बाद पुनः कार्यवाही शुरू होगी।

दोपहर के सत्र में राजकीय विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। लंबित विधेयकों को पारित कराने और वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने पर सरकार का फोकस रहेगा। कुल मिलाकर, बजट सत्र का यह दिन सवाल-जवाब और राजनीतिक बहस के लिहाज से अहम और व्यस्त रहने वाला है।

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