मिथिला लोक उत्सव 2025-26 का हुआ भव्य आगाज़, नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने का प्रयास

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: नेहरू स्टेडियम में शुक्रवार को मिथिला लोक उत्सव 2025-26 का भव्य शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह का उद्घाटन बिहार सरकार के पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, मंत्री मदन सहनी, विधायक सह प्रदेश अध्यक्ष भाजपा संजय सरावगी, दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर, राज्यसभा सांसद धर्मशिला गुप्ता, विधान पार्षद हरि सहनी, जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी तथा जिलाधिकारी कौशल कुमार ने संयुक्त रूप से किया।

उद्घाटन के बाद सभी अतिथियों ने विभिन्न विभागों और स्थानीय उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और प्रदर्शित उत्पादों एवं कलाकृतियों की सराहना की।

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यटन विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह उत्सव मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं और पारंपरिक विरासत को व्यापक मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें सम्मान और पहचान दोनों मिलती है।

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महोत्सव के दौरान नौकायन प्रतियोगिता, कबड्डी प्रतियोगिता, मिथिला ग्राम मंच, लोक गाथा प्रस्तुति, पारंपरिक मिथिला भित्ति चित्र प्रतियोगिता और विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक संदर्भों में संरक्षित और संवर्द्धित करना है।

विधायक संजय सरावगी ने दरभंगा के विकास और सांस्कृतिक उन्नयन पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का आह्वान किया। मंत्री मदन सहनी ने राज्य सरकार की योजनाओं और मिथिलांचल के गौरवशाली इतिहास पर विचार रखे। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर, राज्यसभा सांसद धर्मशिला गुप्ता और विधान पार्षद हरि सहनी ने भी मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि मिथिला की लोक संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने मखाना को वैश्विक स्तर पर ‘सुपर फूड’ के रूप में स्थापित होने का उदाहरण देते हुए कहा कि पारंपरिक उत्पाद और सांस्कृतिक संपदा आज अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रही है। उन्होंने बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग राज्य भर में 252 से अधिक महोत्सवों का आयोजन करता है।

मिथिला लोक उत्सव के आयोजन से क्षेत्र में सांस्कृतिक जागरूकता के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।

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