NEWS PR डेस्क: पटना स्थित बापू टावर के अत्याधुनिक सभागार में देश की जानी-मानी संग्रहालयविद सुश्री अवनी सेठी के एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। ‘प्रश्न के रूप में म्यूजियम’ विषय पर आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. इम्तियाज अहमद ने की।
अपने संबोधन में मुख्य वक्ता अवनी सेठी ने अहमदाबाद और रायपुर में अपने द्वारा स्थापित ‘कॉन्फ्लिक्टोरियम म्यूजियम’ की यात्रा और अनुभवों को श्रोताओं के साथ साझा किया। म्यूजियम की पारंपरिक परिभाषा को बदलते हुए उन्होंने कहा कि म्यूजियम की अवधारणा केवल पुरानी सभ्यताओं की वस्तुओं को सहेज कर रखने वाले किसी संग्रह के रूप में नहीं है। बल्कि यह आज के दौर के सुलगते सवालों और समकालीन मुद्दों पर समाज के बीच एक जीवंत और सक्रिय संवाद केंद्र के रूप में होना चाहिए।
अवनी ने वर्ष 2013 में अहमदाबाद में ‘कॉन्फ्लिक्टोरियम’ की स्थापना की, जिसकी अनूठी सोच को देश भर में व्यापक सराहना मिली है। व्याख्यान के दौरान उन्होंने बापू टावर की भव्यता की तारीफ की और कहा कि यहाँ महात्मा गांधी के विचारों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जिस तरह प्रदर्शित किया गया है, वह अद्भुत है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जानेमाने इतिहासकार इम्तियाज अहमद ने अवनी द्वारा दिए गए वक्तव्य को बहुत ही ज्ञानवर्धक और नई जानकारियों से लैस बताया। उन्होंने कहा कि अवनी के व्याख्यान से म्यूजियम के बारे में प्रचलित अवधारणाओं के बारे में उनकी जानकारी में इजाफा हुआ है।
वहीं, बापू टावर के निदेशक विनय कुमार ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संग्रहालय के विविध और छिपे हुए पहलुओं को सामने लाने के लिए बापू टावर भविष्य में भी इस तरह के बौद्धिक और ज्ञानवर्धक व्याख्यान कार्यक्रमों का आयोजन लगातार करता रहेगा।

कार्यक्रम का मंच संचालन बापू टावर के उपनिदेशक श्री ललित कुमार सिंह द्वारा बेहद गरिमापूर्ण तरीके से किया गया। कार्यक्रम के अंत में बापू टावर के प्रशाखा पदाधिकारी श्री प्रत्यूष चंद्र मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पटना शहर के बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, गणमान्य नागरिक, इतिहास प्रेमी और बापू टावर के सभी पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
