NEWS PR डेस्क: पटना: विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि बिहार इस समय आर्थिक संकट से गुजर रहा है और केवल वेतन व पेंशन के भुगतान से वित्तीय स्थिति को बेहतर नहीं बताया जा सकता।
मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों का भुगतान लंबित है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय समय पर नहीं मिल रहा, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
उन्होंने छात्र क्रेडिट कार्ड योजना का जिक्र करते हुए कहा कि समय पर राशि जारी नहीं होने से राज्य के बाहर पढ़ रहे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई शिक्षण संस्थानों में छात्रों को भुगतान लंबित रहने के कारण असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
सहनी ने राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी खजाना खाली हो चुका है और जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जनता का पैसा कहां खर्च हुआ।
पूर्व मंत्री ने भ्रष्टाचार को मौजूदा स्थिति का प्रमुख कारण बताते हुए दावा किया कि विकास योजनाओं में कमीशनखोरी का खेल जारी है। उन्होंने Comptroller and Auditor General of India (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इससे राज्य में वित्तीय अनियमितताओं की स्थिति उजागर होती है।
विकासशील इंसान पार्टी प्रमुख ने मांग की कि सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे और लंबित भुगतानों को शीघ्र पूरा करे, ताकि आम जनता, स्वास्थ्यकर्मी और छात्र राहत महसूस कर सकें।