नीतीश से निशांत तक…JDU में नए युग की शुरुआत, जानिए किस ओर बदलेगी बिहार की सियासी हवा !

Asha Rai
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: करीब दो दशकों से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद राज्य की सियासत में एक नए दौर की शुरुआत के संकेत मिलने लगे हैं। इसी बीच अब उनके इकलौते बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक निशांत कुमार 8 मार्च को औपचारिक रूप से Janata Dal (United) की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

पटना में कार्यक्रम के दौरान लेंगे सदस्यता

पार्टी सूत्रों के अनुसार पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान निशांत कुमार जदयू की प्राथमिक सदस्यता लेंगे। इस मौके पर राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। जदयू के भीतर इसे संगठन के लिए एक अहम और प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

नीतीश के राज्यसभा जाने के बाद तेज हुई चर्चा

दरअसल, लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार का राज्यसभा की ओर रुख करना राजनीतिक रूप से बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। उनके इस फैसले के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि जदयू अब धीरे-धीरे नए नेतृत्व को सामने लाने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में निशांत कुमार का राजनीति में प्रवेश इस बदलते राजनीतिक परिदृश्य का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर नीतीश के राज्यसभा जाने और निशांत के राजनीति में आने को आपस में नहीं जोड़ा गया है, लेकिन दोनों घटनाओं के समय को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

BIT मेसरा से की पढ़ाई, अब तक रहे लो-प्रोफाइल

निशांत कुमार का जन्म 1975 में बिहार के बख्तियारपुर में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई पटना में करने के बाद उन्होंने Birla Institute of Technology, Mesra से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।

अब तक वह राजनीति से काफी दूर और लो-प्रोफाइल जीवन जीते रहे हैं। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार उनका स्वभाव शांत है और उनकी रुचि आध्यात्मिक गतिविधियों में भी रही है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में वे कभी-कभार सार्वजनिक या पारिवारिक कार्यक्रमों में नजर आए, जिसके बाद उनके राजनीति में आने की चर्चा समय-समय पर उठती रही।

क्या जदयू को मिलेगा नया चेहरा?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशांत कुमार का सक्रिय राजनीति में आना जदयू के लिए भविष्य की राजनीति को लेकर एक रणनीतिक कदम हो सकता है। लंबे समय से पार्टी नीतीश कुमार के नेतृत्व के इर्द-गिर्द केंद्रित रही है, ऐसे में नई पीढ़ी के चेहरे को आगे लाना संगठन में नई ऊर्जा भर सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जदयू में निशांत कुमार की भूमिका क्या होगी और आने वाले समय में पार्टी उन्हें किस तरह की जिम्मेदारी सौंपती है। बिहार की राजनीति में इस नए अध्याय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article