NEWS PR डेस्क: जनगणना कार्य को सुचारू और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। यह प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण 9 मार्च से 11 मार्च तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 12 मार्च से 14 मार्च तक आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को जनगणना की प्रक्रिया, डेटा संकलन की विधि, आवश्यक दिशा-निर्देश और कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जनगणना विभाग, बिहार से आए प्रशिक्षक रविशकांत और तारकेश्वर गुप्ता ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न तकनीकी पहलुओं, प्रपत्रों के सही उपयोग, घर-घर सर्वेक्षण की प्रक्रिया तथा डिजिटल माध्यम से जानकारी संकलन के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके आधार पर विभिन्न विकास योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन किया जाता है। इसलिए इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ संपन्न करना आवश्यक है। उन्होंने सभी कर्मियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य करने की अपील की।
प्रशिक्षण के प्रथम दिन कई अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी तथा जिला स्तरीय समन्वय समिति के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, नगर आयुक्त उमेश भारती और सदर अनुमंडल पदाधिकारी चंदन कुमार झा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
बताया गया कि 10 मार्च से डीआरडीए सभागार, मधुबनी में भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। वहीं दूसरे चरण के प्रशिक्षण में आईटी सहायक, प्रोग्रामर और जिला जनगणना कोषांग के कर्मी सहित अन्य संबंधित कर्मचारी भाग लेंगे।