NEWS PR डेस्क: पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1 करोड़ 30 लाख बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की व्यवस्था हर हाल में जारी रखने का निर्देश दिया गया है। मध्याह्न भोजन निदेशालय ने सभी जिलों को स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को मिलने वाला दोपहर का भोजन बाधित नहीं होना चाहिए।
इस संबंध में मध्याह्न भोजन निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक और प्रारंभिक विद्यालयों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन एलपीजी गैस से ही तैयार किया जाएगा।
एलपीजी आपूर्ति को लेकर भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड से भी बातचीत की गई है। तेल कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि विद्यालयों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर जारी रखी जाएगी।
निदेशक के अनुसार तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में एलपीजी स्टॉक की कोई कमी नहीं है। इसलिए सभी 38 जिलों में पहले की तरह स्कूलों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति नियमित रूप से होती रहेगी, ताकि मिड-डे मील योजना प्रभावित न हो।
इसके साथ ही एहतियात के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखने को कहा गया है। यदि किसी विद्यालय में आकस्मिक रूप से एलपीजी समाप्त हो जाती है, तो वहां पहले की तरह लकड़ी से भोजन बनाकर बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा।
विभाग का कहना है कि मिड-डे मील योजना बच्चों के पोषण और विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी निरंतरता सुनिश्चित करना सभी जिलों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।