NEWS PR डेस्क: पटना, 31 मार्च। बिहार सरकार ने सामूहिक अवकाश लेकर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 69 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
विभाग के उप सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इन अधिकारियों का सामूहिक अवकाश अवैध घोषित किया जा चुका है और इस अवधि को ‘डाईस नॉन’ माना जाएगा, यानी इसे सेवा अवधि में शामिल नहीं किया जाएगा। आरोप है कि 25 मार्च 2026 की शाम 5 बजे तक सभी अधिकारियों ने अपने-अपने पदों पर योगदान नहीं दिया।
पत्र में यह भी कहा गया है कि यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन है। ऐसे में अधिकारियों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई क्यों न की जाए। विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि 13 अप्रैल 2026 तक जवाब नहीं मिला, तो एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई राज्य के 24 जिलों में तैनात अधिकारियों पर की गई है। इनमें सबसे अधिक गयाजी के 8, रोहतास के 7 और मधुबनी के 5 अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा बक्सर, बेगूसराय, कटिहार, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण, वैशाली और जमुई में 4-4 अधिकारी, सिवान, सीतामढ़ी और नालंदा में 3-3, औरंगाबाद में 2 तथा पटना समेत अन्य जिलों में 1-1 अधिकारी इस दायरे में आए हैं।