NEWS PR डेस्क: पटना, 11 अप्रैल। शहरी विकास अब हरियाली के साथ आगे बढ़ रहा है। शहर को साफ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पार्कों का निर्माण और पुराने पार्कों का कायाकल्प किया जा रहा है। पिछले 20 वर्षों में 113 पार्क बनाए या पुनर्निर्मित किए जा चुके हैं, जो राजधानी की नई पहचान बनते जा रहे हैं।
आने वाले वर्षों में इस रफ्तार को और तेज करने की योजना है। अगले चार साल में 37 नए पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें औषधीय पौधे, सजावटी हरियाली, बच्चों के लिए प्ले एरिया, वर्षा जल संचयन, आधुनिक लाइटिंग और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
इन पार्कों की खासियत सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाएं भी हैं। ज्यादातर पार्कों में वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम, बच्चों के लिए झूले और बुजुर्गों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं।
शहर के अलग-अलग इलाकों में कई बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। Pataliputra Park और Atal Park का निर्माण जोरों पर है, जबकि कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, दानापुर और फुलवारी शरीफ में भी आधुनिक पार्क तैयार किए जा रहे हैं। इन पार्कों में योगा जोन, फव्वारे और थीम बेस्ड गार्डन जैसी सुविधाएं होंगी।
इन प्रयासों का असर अब लोगों की दिनचर्या में साफ दिखने लगा है। पार्क अब सिर्फ घूमने की जगह नहीं रहे, बल्कि फिटनेस और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र बन गए हैं। सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग यहां टहलने, योग और एक्सरसाइज के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी पहल का उद्देश्य केवल शहर को खूबसूरत बनाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना भी है। पटना में बढ़ते पार्क न केवल हरियाली बढ़ा रहे हैं, बल्कि शहर के भविष्य को भी ज्यादा संतुलित और जीवंत बना रहे हैं।