गया में ‘सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026’ का भव्य समापन, 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

A confluence of sports, culture and enterprise – Gaya offers a new platform for youth

Rashmi Tiwari

गया: खेल, संस्कृति और उद्यमिता के संगम का गवाह बना गया, जहां ‘सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026’ का शनिवार को भव्य समापन हुआ। छह दिनों तक चले इस महोत्सव ने युवाओं के उत्साह, प्रतिभा और आत्मविश्वास को नई पहचान दी।
20 से 25 अप्रैल तक चला महोत्सव, बड़ी भागीदारी
20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक आयोजित इस कार्यक्रम में 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि इसमें भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं रखा गया, जिससे ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिला।
3000 खिलाड़ियों का चयन, 13 खेलों में मुकाबले
महोत्सव के दौरान करीब 3,000 खिलाड़ियों का चयन किया गया, जिन्हें 13 अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। इस आयोजन ने उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच तैयार किया।समापन समारोह में मुख्य अतिथि जीतन राम मांझी ने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार हैं और ऐसे आयोजन उन्हें सही दिशा देने का काम करते हैं।उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस पहल के तहत 20,000 खेल किट्स प्रखंड, पंचायत और विधानसभा स्तर पर वितरित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
MSME मीट और प्रदर्शनी ने खोले नए अवसर
महोत्सव के दौरान आयोजित MSME मीट और प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच दिया।इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुले और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला। इस भव्य आयोजन की सफलता में आयोजकों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आगे और बड़े आयोजन की तैयारी
समापन समारोह में यह भी घोषणा की गई कि दिसंबर-जनवरी में इससे भी बड़े स्तर पर खेल टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को अवसर मिल सके।यह महोत्सव केवल खेल प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि यह युवाओं के लिए एक समग्र मंच साबित हुआ, जहां उन्होंने खेल, संस्कृति और उद्यमिता—तीनों क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका पाया।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट

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