NEWS PR डेस्क: बिहार के भागलपुर जिले के प्रसिद्ध ‘मैंगो मैन’ अशोक चौधरी ने एक बार फिर अपनी अनूठी उपलब्धि से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आम की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और विकास के लिए जाने जाने वाले अशोक चौधरी ने इस बार ऐसा आम का पेड़ तैयार किया है, जिस पर 52 अलग-अलग किस्मों के आम फल रहे हैं।

अशोक चौधरी वर्षों से आम की दुर्लभ और विलुप्त होती प्रजातियों को संरक्षित करने का काम कर रहे हैं। उनकी नर्सरी में हजारों आम के पेड़ मौजूद हैं, जिनमें 300 से अधिक किस्मों के आम शामिल हैं। यही वजह है कि उन्हें ‘मैंगो मैन’ के नाम से पहचान मिली है।अशोक चौधरी का कहना है कि कई ऐसी आम की किस्में, जो समय के साथ लगभग विलुप्त हो चुकी थीं, उन्हें दोबारा संरक्षित कर विकसित किया जा रहा है। उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए इन दुर्लभ प्रजातियों को बचाकर रखना है।

उनकी इस उपलब्धि को देखने और समझने के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी पहुंच रहे हैं। बिहार कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े एक वैज्ञानिक ने उनकी नर्सरी का दौरा किया और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य आम की जैव विविधता को संरक्षित करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही पेड़ पर 52 किस्मों के आम उगाना न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है, बल्कि यह बागवानी और कृषि नवाचार का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।अशोक चौधरी की यह उपलब्धि न सिर्फ भागलपुर बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है। उनके प्रयास आम की पारंपरिक और दुर्लभ किस्मों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट
