बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: 20,937 पुलिस भर्ती, ‘पटना जू’ नामकरण और विकास योजनाओं को मिली मंजूरी

बिहार कैबिनेट के फैसलों से रोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मिलेगा नया बल

Rashmi Tiwari
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राज्य में रोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से बिहार सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 63 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनका सीधा असर आम जनता और युवाओं पर पड़ेगा। सबसे बड़ा फैसला बिहार पुलिस में 20,937 पदों पर भर्ती को लेकर लिया गया है। इनमें 50 प्रतिशत पद प्रोमोशन के जरिए भरे जाएंगे, जबकि बाकी पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस कदम से न केवल पुलिस बल मजबूत होगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
संजय गांधी जैविक उद्यान का बदला नाम
इसी बैठक में राजधानी के प्रसिद्ध संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर अब ‘पटना जू’ करने का निर्णय लिया गया, जिस पर आधिकारिक मुहर लग चुकी है। वित्तीय मोर्चे पर सरकार ने आकस्मिकता निधि को अस्थायी रूप से 350 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 13,900 करोड़ रुपए कर दिया है। साथ ही वित्त विभाग के अंतर्गत साइबर ट्रेजरी के संचालन के लिए 23 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।
2026-27 के लिए 23,165 करोड़ रुपए की स्वीकृति
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 23,165 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इससे बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिलेगा और उनके बिल का बोझ कम होगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में, बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ (करीब 90 किमी) के निर्माण को PPP मोड में मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही बिदुपुर से दिघवारा तक 50 किमी लंबा नया गंगा पथ भी बनाया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
1000 रुपए से बढ़ाकर 2000 रुपए
शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास योजना के तहत सहायता राशि को 1000 रुपए से बढ़ाकर 2000 रुपए कर दिया गया है। इससे राज्य के 139 छात्रावासों में रह रहे लगभग 10,500 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा सात निश्चय-3 योजना के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। योजना के अंतर्गत हर जिले के स्कूल और प्रत्येक प्रखंड में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 8 अरब रुपए की मंजूरी दी गई है। बता दें कि कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य में रोजगार, शिक्षा, बिजली और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार का फोकस साफ तौर पर विकास और जनहित पर नजर आ रहा है।

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