NEWS PR डेस्क: अफ्रीका के केप वर्डे तट के पास लंगर डाले डच क्रूज जहाज MV Hondius पर फैले हंतावायरस संक्रमण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। जहाज पर मौजूद 149 यात्रियों और क्रू सदस्यों में संक्रमण के कई मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। जानकारी के मुताबिक जहाज पर मौजूद दो भारतीय क्रू मेंबर भी संभावित जोखिम वाले लोगों में शामिल हैं।
क्रूज ऑपरेटर ओशियनवाइड एक्सपडिशंस ने यात्रियों और क्रू की राष्ट्रीयता संबंधी सूची जारी की है। इसी सूची से पहली बार यह स्पष्ट हुआ कि जहाज पर भारत के दो नागरिक भी कार्यरत हैं। हालांकि कंपनी ने उनकी पहचान, जिम्मेदारी या स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं की है।

तीन मौतों से बढ़ी चिंता
अब तक इस संक्रमण से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में एक डच दंपती और एक जर्मन यात्री शामिल हैं। वहीं एक अन्य गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए दक्षिण अफ्रीका भेजा गया है। जहाज पर बाकी यात्रियों और क्रू की निगरानी की जा रही है तथा उन्हें आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है हंतावायरस?
हंतावायरस एक खतरनाक संक्रमण है, जो आमतौर पर संक्रमित चूहों के मूत्र, मल या लार के संपर्क में आने से फैलता है। शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं, जिनमें तेज बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं। इसके अलावा मरीजों को सिरदर्द, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कई मामलों में कुछ दिनों बाद सांस लेने में गंभीर दिक्कत शुरू हो जाती है। संक्रमण बढ़ने पर फेफड़ों में पानी भर सकता है और हृदय की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार गंभीर मामलों में मृत्यु दर 30 से 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

WHO ने 12 देशों को किया सतर्क
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस मामले को लेकर 12 देशों को अलर्ट जारी किया है। ये वे देश हैं, जिनके नागरिक यात्रा के दौरान दक्षिण अटलांटिक स्थित ब्रिटिश क्षेत्र सेंट हेलेना में जहाज से उतर चुके थे। अलर्ट पाने वाले देशों में कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कुल 12 देश शामिल हैं। अब इन देशों में यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है।
भारत के लिए क्यों अहम है मामला?
भारत के दो नागरिकों के जहाज पर मौजूद होने से भारत की चिंता भी बढ़ गई है। फिलहाल भारतीय दूतावास की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते निगरानी और टेस्टिंग से संक्रमण को सीमित रखा जा सकता है।
WHO प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने कहा है कि यदि सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय तेजी से लागू किए गए तो संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके बावजूद एजेंसी ने आगे और मामले सामने आने की आशंका से इनकार नहीं किया है। इसी बीच WHO ने बताया है कि अर्जेंटीना की प्रयोगशालाओं से लगभग 2,500 हंतावायरस टेस्ट किट पांच देशों को भेजी जा रही