IGIMS में छात्राओं का प्रदर्शन जारी, अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का आरोप

न्याय की मांग पर अड़ी छात्राएं, IGIMS में स्थिति तनावपूर्ण

Rashmi Tiwari
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पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं का गुस्सा अब खुलकर सड़क पर दिखाई देने लगा है। मानसिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार और मनमाने तरीके से फेल करने के आरोपों को लेकर छात्राएं लगातार दूसरे दिन भी धरने पर बैठी रहीं। हालात ऐसे बन गए कि अस्पताल का मेन गेट तक बाधित हो गया। IGIMS नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं का प्रदर्शन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्राएं संस्थान के मुख्य गेट के बाहर बैठकर प्रिंसिपल अनुजा डैनियल और वाइस प्रिंसिपल रुपाश्री दासगुप्ता के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं। प्रदर्शन की वजह से अस्पताल के अंदर एंबुलेंस और डॉक्टरों की एंट्री भी प्रभावित हुई।


छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार करता है। कई छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें गालियां दी जाती हैं, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और जानबूझकर परीक्षा में फेल किया जाता है। कुछ छात्राओं ने मारपीट तक के आरोप लगाए हैं। धरने पर बैठी छात्राओं के हाथों में पोस्टर और तख्तियां थीं, जिन पर “कॉलेज है, कोठा नहीं”, “मानसिक प्रताड़ना बंद करो”, “हमें न्याय चाहिए” और “प्रिंसिपल-वाइस प्रिंसिपल को बर्खास्त करो” जैसे नारे लिखे थे। छात्राओं ने साफ कहा कि जब तक दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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इससे पहले गुरुवार को भी छात्राओं ने कॉलेज परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन किया था। साल 2021 से 2025 बैच तक की करीब 450 छात्राएं इस आंदोलन में शामिल हुई थीं। छात्राओं ने क्लास का बहिष्कार कर मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया था। छात्राओं का कहना है कि यह मामला नया नहीं है। करीब 10 महीने पहले भी वाइस प्रिंसिपल के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई थी। उस समय संस्थान प्रशासन ने जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी बनाई थी, लेकिन आज तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही कोई कार्रवाई हुई

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