बस्ती पहुंचे मुकेश सहनी, लक्ष्मण निषाद हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा

बस्ती के मेहनौना गांव पहुंचकर पूर्व मंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और मजबूत कानूनी पैरवी की मांग की।

Rashmi Tiwari
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विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मेहनौना गांव पहुंचे, जहां उन्होंने 22 जून को हुई लक्ष्मण निषाद की हत्या के बाद शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि वीआईपी न्याय की इस लड़ाई में पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर संभव कानूनी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

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गांव में मौजूद पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि हत्या केवल दो लोगों ने नहीं की होगी। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच करते हुए घटना में शामिल सभी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन जो भी दोषी हैं, उन्हें कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दिलाई जानी चाहिए।

मुकेश सहनी ने कहा कि पीड़ित परिवार पहले भी हिंसा का शिकार हो चुका है। उन्होंने बताया कि लगभग 10-15 वर्ष पूर्व इसी परिवार के मुखिया की भी हत्या हुई थी तथा कुछ दिन पहले भी विवाद की घटना सामने आई थी। यदि उस समय प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करता तो संभवतः इतनी बड़ी घटना नहीं होती।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि सभी साक्ष्यों को मजबूती के साथ संकलित किया जाए ताकि न्यायालय में कोई भी दोषी कानूनी प्रक्रिया का लाभ उठाकर बच न सके। उन्होंने कहा कि वीआईपी पार्टी की ओर से भी एक अनुभवी अधिवक्ता की व्यवस्था की जाएगी, जो पूरे मामले की प्रभावी पैरवी करेंगे और केस की नियमित निगरानी करेंगे।

मुकेश सहनी ने ग्रामीणों से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई कानून के दायरे में रहकर ही लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब लोगों को समय पर न्याय नहीं मिलता, तब समाज में असंतोष पैदा होता है। इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलाए, जिससे कानून का भय बना रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उन्होंने गांव के प्रबुद्ध लोगों से दस सदस्यों की एक निगरानी समिति बनाने का सुझाव भी दिया, जो समय-समय पर मुकदमे की प्रगति पर नजर रखे। अंत में उन्होंने कहा कि पूरा निषाद समाज और वीआईपी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है तथा न्याय मिलने तक यह संघर्ष पूरी मजबूती से जारी रहेगा।

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