सोना खरीद टालने की अपील से 3.5 करोड़ लोगों की आजीविका पर संकट, AIJGF ने Bullion Bank फ्रेमवर्क बनाने की मांग की

AIJGF विदेशी मुद्रा, कच्चे तेल के दाम और आयात बिल को लेकर सरकार की चिंता समझता है। लेकिन फेडरेशन का मानना है कि समाधान मांग दबाने में नहीं, बल्कि भारत में पड़े निष्क्रिय सोने को उत्पादक अर्थव्यवस्था में लाने में है।

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना,11 मई। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने नागरिकों से एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोना खरीद टालने की अपील पर गंभीर चिंता जताई है। फेडरेशन का कहना है कि ऐसी अपील से ज्वेलरी और बुलियन इकोसिस्टम से जुड़े लगभग 3.5 करोड़ भारतीयों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

ज्वेलरी सेक्टर: सिर्फ बड़े ज्वेलर्स नहीं, पूरा इकोसिस्टम

AIJGF ने स्पष्ट किया कि यह सेक्टर लाखों छोटे दुकानदार, सुनार, कारीगर, आर्टिजन, मैन्युफैक्चरर, होलसेलर, एक्सपोर्टर, रिफाइनर, हॉलमार्किंग सेंटर, डिजाइनर, ट्रांसपोर्टर और दैनिक मजदूरों से जुड़ा है। बाजार में नकारात्मक माहौल बनने से ग्राहकों की आवाजाही, शादी-त्योहारी मांग और मैन्युफैक्चरिंग ऑर्डर घट सकते हैं। इसका सीधा असर वैल्यू चेन के सबसे कमजोर वर्ग की आय पर पड़ेगा।

सोना संस्कृति और सुरक्षा, दोनों है

प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि भारत में सोना केवल लग्जरी नहीं है। यह संस्कृति, बचत, शादी-विवाह की परंपरा, महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और ग्रामीण लिक्विडिटी से जुड़ा है। खरीद हतोत्साहित करने से पहले ठोस विकल्प देना जरूरी है, वरना छोटे ज्वेलर्स, कारीगरों और सुनारों पर पहला असर पड़ेगा।”

AIJGF विदेशी मुद्रा, कच्चे तेल के दाम और आयात बिल को लेकर सरकार की चिंता समझता है। लेकिन फेडरेशन का मानना है कि समाधान मांग दबाने में नहीं, बल्कि भारत में पड़े निष्क्रिय सोने को उत्पादक अर्थव्यवस्था में लाने में है।

आज की कोर कमेटी मे अशोक कुमार वर्मा ( प्रदेश अध्यक्ष), प्रेम नाथ गुप्ता, देवा नंद जी, विनय कुमार गुप्ता, देवेंद्र कुमार वर्मा, राज कुमार जी, जय राम कुमार, शशी आर्या, कमलेश कुमार और अनूप कुमार जी शामिल हुए।

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