मगध के नए आईजी बने विकास वैभव, कहा- एफआईआर नहीं लेने वालों पर होगी कार्रवाई

Rashmi Tiwari

विकास वैभव ने मंगलवार को मगध प्रमंडल रेंज के आईजी के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। गया पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। सर्किट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद उन्होंने आईजी कार्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाला।
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में आईजी विकास वैभव ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता अपराध नियंत्रण और आम जनता का पुलिस पर भरोसा मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग में निष्पक्षता सबसे जरूरी है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो होगी कार्रवाई
थानों में आवेदन नहीं लेने और एफआईआर दर्ज नहीं करने के सवाल पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी पीड़ित की शिकायत नहीं सुनी जाती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।आईजी विकास वैभव ने कहा,“मेरी पहली प्राथमिकता जीरो टॉलरेंस की रही है। अगर कोई व्यक्ति थाना में एफआईआर दर्ज कराने जाता है तो प्राथमिकी हर हाल में दर्ज होनी चाहिए। अगर ऐसी शिकायत मिलती है कि आवेदन नहीं लिया गया या पीड़ित को परेशान किया गया, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई निश्चित तौर पर की जाएगी।”
भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर भी सख्ती
आईजी ने पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी पुलिसकर्मी या थाना प्रभारी की संलिप्तता अवैध वसूली में पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।विकास वैभव ने कहा कि मगध क्षेत्र से उनका पुराना संबंध रहा है। वर्ष 2005 में नक्सल प्रभावित दौर में भी वे गया में पदस्थापित रह चुके हैं। ऐसे में यहां की सामाजिक परिस्थितियों और पुलिस व्यवस्था को वे करीब से समझते हैं।उन्होंने मगध क्षेत्र की जनता से अपील की कि वे निर्भीक होकर अपनी समस्याएं पुलिस के सामने रखें। साथ ही भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होगी और कहीं भी लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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