विश्व शांति और बौद्ध आस्था के केंद्र बोधगया में शनिवार को एक खास अवसर देखने को मिला, जब म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां पहुंचे। राष्ट्रपति ने महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन किए और पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे ध्यान लगाकर विश्व कल्याण की कामना की।

पांच दिवसीय भारत दौरे पर आए म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग शनिवार को विशेष विमान से गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। उनके स्वागत के लिए बिहार के राज्यपाल, गया जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम एयरपोर्ट पर मौजूद रही।

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर गया से लेकर बोधगया तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट से बोधगया तक पूरे मार्ग पर सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की गई, जबकि महाबोधि मंदिर परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया। बोधगया पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे कुछ समय ध्यान लगाया तथा बौद्ध धर्म और मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की।

राष्ट्रपति के साथ म्यांमार सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे। अपने प्रवास के दौरान वे बोधगया स्थित वर्मीज बौद्ध मठ और सुजाता मंदिर में भी दर्शन-पूजन करेंगे। राष्ट्रपति के आगमन से बोधगया में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों और बौद्ध अनुयायियों ने इसे भारत और म्यांमार के सांस्कृतिक एवं धार्मिक संबंधों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण दौरा बताया है। भारत प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के राष्ट्रपति से भी मुलाकात प्रस्तावित है, जिसमें दोनों देशों के आपसी संबंधों और सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट