एक ओर देशभर में स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं और स्वच्छ भारत मिशन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन रोड स्थित सुखराय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर फैली गंदगी व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है।

करीब 1939 से संचालित यह विद्यालय क्षेत्र के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शामिल है। यहां मैट्रिक, इंटर और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के केंद्र बनाए जाते हैं। हाल ही में विद्यालय को बीएससी नर्सिंग परीक्षा केंद्र भी बनाया गया, जहां दूर-दूर से विद्यार्थी अपने उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद लेकर परीक्षा देने पहुंचे लेकिन स्कूल परिसर में प्रवेश करते ही उन्हें कचरे के ढेर और दुर्गंध का सामना करना पड़ा।
गेट पर कचरा, बदबू से परेशान छात्र
विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने कचरा डंप किए जाने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है। परीक्षा देने आए विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल में अध्ययनरत बच्चों को इससे भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विद्यार्थियों और अभिभावकों का आरोप है कि बदबू के कारण परीक्षा के दौरान ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। वहीं नियमित रूप से पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्कूल प्रशासन और अभिभावकों ने भी समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। एक तरफ सरकार स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ एक प्रमुख विद्यालय और परीक्षा केंद्र के सामने कचरे का अंबार लोगों को व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए मजबूर कर रहा है।

स्थानीय लोगों की मांग
अभिभावकों और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन एवं नगर निगम से तत्काल सफाई अभियान चलाकर कचरा हटाने तथा भविष्य में स्कूल के सामने कचरा डंपिंग रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट