भागलपुर में अवैध शराब तस्करी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में उत्पाद न्यायालय-2 ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी चालक को 8 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना होगा।

यह फैसला सबौर-गोराडीह थाना कांड संख्या 437/22 एवं विशेष उत्पाद वाद संख्या 3555/2022 में सुनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त सोनू कुमार को दोषी करार दिया।
17 अक्टूबर 2022 को हुई थी गिरफ्तारी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 अक्टूबर 2022 को सबौर-गोराडीह क्षेत्र में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन वाहन जांच एवं छापेमारी अभियान के दौरान एक संदिग्ध कार को रोका गया था। तलाशी के दौरान वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई थी।कार में चालक सोनू कुमार के अलावा रोहित कुमार और विनीत कुमार तिवारी भी सवार थे। पुलिस ने तीनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान दो अभियुक्त फरार हो गए, जबकि चालक सोनू कुमार न्यायालय में उपस्थित होकर मुकदमे का सामना करता रहा।

साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया फैसला
मामले की सुनवाई उत्पाद न्यायालय-2 में न्यायिक पदाधिकारी शिवकुमार शर्मा की अदालत में चल रही थी। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद सोनू कुमार को दोषी पाते हुए कठोर सजा सुनाई। मामले की जानकारी देते हुए भोला कुमार मंडल ने बताया कि न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए यह निर्णय दिया है।
शराब तस्करों के लिए कड़ा संदेश
न्यायालय के इस फैसले को बिहार में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से शराब तस्करी में संलिप्त लोगों के बीच कड़ा संदेश जाएगा और कानून का भय बढ़ेगा। भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट