खान सर की गिरफ्तारी के लिए छापमारी तेज, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 05 जून। खान ग्लोबल स्टडीज पर हुए हमले के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कोचिंग परिसर में फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कदमकुआं थाना में हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, यह प्राथमिकी पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें खान सर को नामजद आरोपी बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।

यह पूरा विवाद 2 जून की रात शुरू हुआ, जब पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर पर हमला हुआ था। आरोप है कि कुछ लोगों ने कोचिंग परिसर में तोड़फोड़ की, गार्ड के साथ मारपीट की और पोस्टर-बैनर फाड़ दिए। घटना के बाद सामने आए वीडियो में खान सर के बॉडीगार्ड फायरिंग करते दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

इस मामले में खान सर ने अपनी सफाई देते हुए कहा है कि फायरिंग आत्मरक्षा के लिए की गई थी। उनका दावा है कि कोचिंग के गार्ड पर हमला हुआ था और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही थी। उनके अनुसार, पुलिस के पहुंचने से पहले सुरक्षा कर्मियों ने खुद को और अन्य लोगों को बचाने के लिए कदम उठाया।

इधर, सोशल मीडिया पर वायरल एक अन्य वीडियो में खान सर छात्रों को घटना की जानकारी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह सीसीटीवी फुटेज दिखाते हुए दावा कर रहे हैं कि उनके गार्ड को पीटने वाले कुछ लोगों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले के मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

खान सर ने छात्रों के बीच यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षा को सुलभ बनाना है। उन्होंने दावा किया कि यदि उनका संस्थान बंद हो जाता है तो अन्य कोचिंग संस्थानों की फीस में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

घटना के बाद खान सर की ओर से ज्ञान बिंदु कोचिंग पर हमला कराने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस मामले में पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों अभिषेक व गौरव को गिरफ्तार किया था। बाद में तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया।

हालांकि, गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है और घटना से उनका कोई संबंध नहीं है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फायरिंग, हमले और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला पटना के कोचिंग जगत में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।

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