जिंदा बुजुर्ग को कागजों में बताया मृत, पेंशन के लिए 82 वर्षीय ढोड़ा राम लगा रहे दफ्तरों के चक्कर

Rashmi Tiwari
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NEWS PR डेस्क:सरकारी सिस्टम की एक बड़ी लापरवाही ने भोजपुर जिले के एक बुजुर्ग की जिंदगी मुश्किल में डाल दी है। आरा प्रखंड के पिरौटा पंचायत स्थित ढोड़ा गांव के रहने वाले 82 वर्षीय ढोड़ा राम को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। अब हालात यह हैं कि अपनी वृद्धावस्था पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए उन्हें दफ्तर-दफ्तर भटकना पड़ रहा है और खुद के जिंदा होने का प्रमाण देना पड़ रहा है।

बैंक पहुंचे तो पता चला रिकॉर्ड में हो चुके हैं मृत
ढोड़ा राम बताते हैं कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन ही उनके और उनकी पत्नी के जीवन का मुख्य सहारा थी। अचानक पेंशन बंद हो गई तो वह बैंक पहुंचे। वहां उन्हें जानकारी मिली कि खाते में राशि आने के बावजूद वह पैसे की निकासी नहीं कर सकते, क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।
जब उन्होंने ऑनलाइन दस्तावेज निकलवाया तो उसमें लिखा था— “सत्यापन के दौरान लाभार्थी मृत पाया गया।” यह देखकर ढोड़ा राम हैरान रह गए। उनका सवाल है कि जब वह खुद सामने खड़े हैं, सांस ले रहे हैं, तो सरकारी कागजों में उन्हें मृत कैसे बताया जा सकता है?
20 साल पहले हादसे में टूटा था पैर, पेंशन बनी थी सहारा
करीब 20 साल पहले मजदूरी करने के दौरान ढोड़ा राम का पैर टूट गया था। इलाज के दौरान पैर में रॉड लगानी पड़ी, जिसके बाद वह मेहनत-मजदूरी करने में सक्षम नहीं रहे। इसके बाद वृद्धावस्था पेंशन ही उनके जीवन का सहारा बनी।
ढोड़ा राम के कोई बेटे नहीं हैं। उनकी तीनों बेटियां शादीशुदा हैं और अपनी परेशानियों के बावजूद समय-समय पर माता-पिता की मदद करती हैं। बरसात में टपकती झोपड़ी, चचरी के सहारे गुजरती जिंदगी और सीमित संसाधनों में चल रहा परिवार अब पेंशन बंद होने से आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
दफ्तरों में मिला जवाब- पहले जिंदा होने का प्रमाण दीजिए
ढोड़ा राम का कहना है कि कई सरकारी दफ्तरों में उन्हें यही जवाब मिला कि पहले अपने जिंदा होने का प्रमाण लेकर आइए। उम्र के इस पड़ाव पर लाठी के सहारे चलने वाले बुजुर्ग के लिए यह प्रक्रिया किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मामला जब जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा तो प्रशासन हरकत में आया।
पंचायत स्तर पर सत्यापन में गड़बड़ी की आशंका
आरा सदर के प्रखंड विकास पदाधिकारी रवि रंजन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह गड़बड़ी पंचायत स्तर पर सत्यापन के दौरान होने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि संबंधित विकास मित्र को शो-कॉज नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ढोड़ा राम का आवेदन आगे भेज दिया गया है और जल्द ही उनकी वृद्धावस्था पेंशन दोबारा शुरू कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सवाल छोड़ गई सिस्टम की लापरवाही
ढोड़ा राम को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी पेंशन फिर से शुरू हो जाएगी। लेकिन यह मामला सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है कि एक छोटी सी लापरवाही कैसे किसी जीवित इंसान को कागजों में मृत बना सकती है। 82 वर्षीय ढोड़ा राम को सिर्फ पेंशन की जरूरत नहीं है, उन्हें अपने जिंदा होने की पहचान और सम्मान चाहिए।आरा से आकाश कुमार की रिपोर्ट

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